PMKSY Subsidy: किसानों के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) नई उम्मीद लेकर आई है. इस योजना के तहत किसानों को स्प्रिंकलर पर 45 से 50% तक की सब्सिडी दी जा रही है. इसके इस्तेमाल से 40% पानी की बचत होगी साथ ही पैदावार भी बढ़ेगी. किसान ऑनलाइन आवेदन के माध्यम इस योजना का लाभ उठा सकते है.
किसानों के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) राहत भरी उम्मीद साथ ले कर आई है. सूखे और जल-संकट से जूझ रहे प्रदेश में ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई तकनीकें किसानों के खेतों में नई उम्मीद जगा रही हैं. यही वजह है कि प्रदेश भर में इस योजना की डिमांड बढ़ रही है. छोटे और सीमांत किसानों को स्प्रिंकलर सिस्टम पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है, जबकि अन्य श्रेणी के किसानों को 45 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ मिल रहा है. विभाग का कहना है कि इससे सिंचाई लागत लगभग आधी हो जाती है जिससे खेती और भी आसान और अधिक लाभदायक बनती है.
स्प्रिंकलर तकनीक से 40% पानी की बचत
स्प्रिंकलर सिस्टम के उपयोग से किसानों को सबसे बड़ा फायदा पानी की भारी बचत के रूप में मिल रहा है. पारंपरिक सिंचाई से पानी का बहुत ज्यादा व्यर्थ बह जाता है, जबकि स्प्रिंकलर से पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचता है. कृषि विभाग का कहना है कि इससे लगभग 40 प्रतिशत तक पानी बचता है और खेतों में नमी भी लंबे समय तक बनी रहती है. गेहूं, चना, मटर और सब्जियों की पैदावार में दोगुनी तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है. एक्सपर्ट्स के अनुसार यह तकनीक जल-संकट वाले क्षेत्रों के लिए बहुत ही अच्छा समाधान साबित हो रही है.
PMKSY आवेदन प्रक्रिया
PMKSY के तहत आवेदन प्रक्रिया भी बेहद आसान रखी गई है. किसान आधार कार्ड, खसरा, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर के साथ किसी भी ऑनलाइन केंद्र से आवेदन कर सकते हैं. किसानों का चयन लॉटरी सिस्टम के आधार पर किया जाता है और चयनित किसानों को मोबाइल पर संदेश भेजा जाता है. सूचना मिलते ही किसान 15 दिनों के भीतर अधिकृत विक्रेता से स्प्रिंकलर खरीद सकते हैं और सब्सिडी की राशि सीधे उनके बैंक खाते में जमा कर दी जाती है.
कृषि विभाग का दावा है कि इस योजना ने प्रदेश के लाखों किसानों की आय में बढ़ोतरी की है. आने वाले रबी और खरीफ सीजन में यह तकनीक खेती को और भी किफायती एवं आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.