मध्य प्रदेश के किसानों के लिए खाद को लेकर एक बड़ी राहत की खबर है. अब यूरिया, डीएपी और दूसरी खाद खरीदने के लिए किसानों को पहले जैसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा. राज्य सरकार ने ई-विकास 2.0 यानी वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान प्रणाली लागू कर दी है. इस नई व्यवस्था का मकसद खाद की खरीद को आसान, पारदर्शी और किसान की जरूरत के हिसाब से बनाना है. सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब किसान अपनी जरूरत और पसंद के मुताबिक खाद खरीद सकेंगे. यानी अगर किसान को सिर्फ यूरिया चाहिए, तो उसे किसी दूसरे उर्वरक के साथ जबरन कॉम्बो लेने की जरूरत नहीं होगी. खाद की मात्रा भी फसल और किसान की जमीन के हिसाब से तय मानकों के अनुसार दिखाई जाएगी.
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