अचानक क्यों चढ़ा पारा? जानिए एंटी-साइक्लोन कैसे बढ़ा रहा है देश में गर्मी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, कर्नाटक और उससे सटे महाराष्ट्र के ऊपर बना एंटी-साइक्लोनिक सिस्टम इस गर्मी की बड़ी वजह है. यह सिस्टम अब मुंबई और आसपास के इलाकों की ओर बढ़ गया है और इसी के कारण मध्य भारत के कई हिस्सों में गर्म हवाएं चलने लगी हैं.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 15 Apr, 2026 | 01:15 PM

Anticyclone effect in India: देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. अब मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर तेजी से फैलने वाला है. मौसम विभाग और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के ताजा अनुमान बताते हैं कि आने वाले कुछ दिन लोगों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं.

यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट के अनुसार, सप्ताह के अंत तक मध्य और पूर्वी भारत के बड़े हिस्से तेज और असहनीय गर्मी की चपेट में रहेंगे. यह स्थिति खास तौर पर उन इलाकों में ज्यादा गंभीर हो सकती है, जहां पहले से ही तापमान लगातार बढ़ रहा है.

क्यों बढ़ रही है इतनी गर्मी

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, कर्नाटक और उससे सटे महाराष्ट्र के ऊपर बना एंटी-साइक्लोनिक सिस्टम इस गर्मी की बड़ी वजह है. यह सिस्टम अब मुंबई और आसपास के इलाकों की ओर बढ़ गया है और इसी के कारण मध्य भारत के कई हिस्सों में गर्म हवाएं चलने लगी हैं.

इस तरह के सिस्टम में हवा नीचे की ओर दबती है, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है और लू जैसी स्थिति बन जाती है. यही कारण है कि पश्चिमी और पूर्वी मध्य भारत में गर्मी का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है.

किन राज्यों में सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग ने साफ कहा है कि आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में चार दिनों तक लू की स्थिति बनी रह सकती है. वहीं ओडिशा में यह असर पांच दिनों तक रह सकता है.

इसके अलावा झारखंड और पश्चिमी राजस्थान में भी शुक्रवार और शनिवार को लू चलने की संभावना जताई गई है. तेलंगाना और रायलसीमा में अगले चार दिनों तक गर्म हवाएं परेशान करेंगी, जबकि मध्य महाराष्ट्र में बुधवार और गुरुवार को हीटवेव का असर रहेगा.

उत्तर आंतरिक कर्नाटक में यह स्थिति शुक्रवार तक बनी रह सकती है और मराठवाड़ा में भी दो दिनों तक तेज गर्मी का असर रहेगा.

उमस भरी गर्मी बढ़ाएगी परेशानी

सिर्फ तापमान ही नहीं, बल्कि उमस भी लोगों को परेशान करेगी. पश्चिम बंगाल और ओडिशा के मैदानी इलाकों में अगले छह दिनों तक गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है.

इसके साथ ही तटीय महाराष्ट्र, पूर्वी गुजरात, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भी गर्मी और नमी का असर बढ़ेगा. कर्नाटक के तटीय इलाकों में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिलेगी. इस वजह से लोगों को ज्यादा थकान और बेचैनी महसूस हो सकती है.

कई जगह 40 डिग्री के पार पहुंचा पारा

गर्मी की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि केरल के पलक्कड़ में इस सप्ताह दो बार तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. यह संकेत है कि इस बार गर्मी जल्दी और ज्यादा तेज पड़ रही है.

बढ़ता खतरा, सिर्फ दिन ही नहीं रात भी गर्म

बिजनेस लाइन की खबर के अनुसार, नई दिल्ली स्थित काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वाटर (CEEW) के विशेषज्ञ विश्वास चितले का कहना है कि अब गर्मी सिर्फ दिन की समस्या नहीं रह गई है. रात का तापमान भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे शरीर को आराम नहीं मिल पाता.

उन्होंने बताया कि देश की 75 प्रतिशत से ज्यादा आबादी ऐसे क्षेत्रों में रहती है, जहां गर्मी का खतरा ज्यादा है. ऐसे में यह स्थिति स्वास्थ्य के लिए गंभीर बनती जा रही है.

अब जरूरी हैं  समाधान

विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ अलर्ट जारी करना काफी नहीं है, बल्कि अब लंबे समय के समाधान की जरूरत है. शहरों और गांवों में ऐसी योजना बनानी होगी, जो बढ़ती गर्मी और उमस को ध्यान में रखकर तैयार की जाए.

विश्वास चितले के अनुसार, कूल रूफ, आधुनिक कूलिंग सेंटर और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे उपाय अपनाने होंगे. साथ ही मौसम से जुड़े आंकड़ों को शहरों की योजना में शामिल करना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की गर्मी से बेहतर तरीके से निपटा जा सके.

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