हरियाणा में बंपर गेहूं खरीदी, 70 लाख टन के पार पहुंचा आंकड़ा.. इतने किसानों ने बेची फसल

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज विपक्षी नेता मंडियों का दौरा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें किसानों को यह भी बताना चाहिए कि जब उनकी सरकार थी, तब हालात कैसे थे. उन्होंने कहा कि उस समय किसान समस्याओं से जूझ रहे थे, लेकिन विपक्षी नेता न तो मंडियों में जाते थे और न ही उनकी समस्याओं का समाधान करते थे.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 25 Apr, 2026 | 03:38 PM

Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को कहा कि राज्य की मंडियों में गेहूं की खरीद सुचारू रूप से चल रही है और इस बार रिकॉर्ड मात्रा में आवक हो रही है. उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार द्वारा बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जैसी नई व्यवस्था लागू करने से किसानों को कोई परेशानी नहीं हो रही है. विपक्ष केवल गलत आरोप लगा रहा है. मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि किसान पारदर्शी खरीद व्यवस्था से संतुष्ट हैं और समस्या किसानों को नहीं, बल्कि विपक्ष को है. मुख्यमंत्री के अनुसार अब तक मंडियों में 81 लाख टन से ज्यादा गेहूं की आवक दर्ज की गई है, जिसमें से 70 लाख टन से अधिक की खरीद हो चुकी है. उन्होंने यह भी बताया कि 11 अप्रैल को एक ही दिन में 7 लाख टन से ज्यादा गेहूं मंडियों में आया था. अब तक लगभग 5.80 लाख किसान अपनी फसल लेकर मंडियों में पहुंच चुके हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि आज जो विपक्षी नेता मंडियों का दौरा कर रहे हैं, उन्हें वह समय याद रखना चाहिए जब उनकी सरकारें थीं और उस दौरान किसानों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी  ने कहा कि विपक्ष किसानों के बीच गलत बातें फैला रहा है और उन्हें अपना पुराना समय याद रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि लोगों को अब समझ आ गया है कि विपक्ष सिर्फ झूठ बोलता है. उन्होंने बताया कि रबी विपणन सत्र 2026-27 में इस बार रिकॉर्ड तोड़ फसल की आवक हुई है, जो पिछले चार वर्षों से भी अधिक है. इसके लिए उन्होंने किसानों को बधाई दी और कहा कि यह मेहनती किसानों की मेहनत का नतीजा है.

किसान अब आधुनिक तकनीक अपना रहे हैं

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के किसान अब आधुनिक तकनीक अपना रहे हैं और फसल खरीद  की पारदर्शी व्यवस्था पर भरोसा जता रहे हैं. उन्होंने बताया कि 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस कहती थी कि अगर उनकी सरकार बनी तो किसानों और अन्य लोगों के लिए शुरू किए गए सरकारी पोर्टल बंद कर देंगे. सैनी ने कहा कि पहले की सरकारों के समय कोई व्यवस्थित सिस्टम नहीं था और किसानों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था, जिसे लोग आज भी नहीं भूले हैं. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने डिजिटल व्यवस्था शुरू की है, जिससे पारदर्शिता आई है और बदलाव महसूस किया जा रहा है. पहले किसानों को अपनी फसल के भुगतान के लिए महीनों तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब स्थिति काफी बेहतर हो गई है.

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर किया तंज

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज विपक्षी नेता मंडियों का दौरा कर रहे हैं, लेकिन उन्हें किसानों को यह भी बताना चाहिए कि जब उनकी सरकार थी, तब हालात कैसे थे. उन्होंने कहा कि उस समय किसान समस्याओं से जूझ रहे थे, लेकिन विपक्षी नेता न तो मंडियों में जाते थे और न ही उनकी समस्याओं का समाधान करते थे. पहले मंडियों में किसानों को लंबी-लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता था.

24 फसलों की MSP पर खरीद

उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार किसानों की 24 फसलों की MSP पर खरीद कर रही है और किसानों को उनकी फसल का भुगतान 48 से 72 घंटे के भीतर मिल रहा है. सरकार का कहना है कि विपक्ष जिन नई व्यवस्थाओं को परेशानी बता रहा है, वे तकनीक आधारित सुधार हैं, जिनसे खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता बढ़ी है और इसका सीधा फायदा किसानों को मिल रहा है. हाल ही में कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा, जो विपक्षी नेताओं के साथ मंडियों के दौरे पर थे, ने दावा किया कि उन्हें राज्य के अलग-अलग हिस्सों से किसानों की शिकायतें मिल रही हैं. उनके अनुसार, मंडियों में इस समय अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है.

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Published: 25 Apr, 2026 | 03:37 PM
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