कम खर्च में ऐसे शुरू करें मछली पालन बिजनेस, छह महीने में तीन लाख तक की होगी कमाई

मछली पालन एक ऐसा व्यवसाय है जिसमें आधे एकड़ तालाब से छह महीने में लाखों की कमाई हो सकती है. कम लागत, कम मेहनत और सरकारी सब्सिडी की मदद से किसान और युवक इसे आसान स्टार्टअप की तरह शुरू कर सकते हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 20 Aug, 2025 | 01:32 PM

गांव की मिट्टी में आज भी ऐसी ताकत है कि अगर सही जानकारी मिल जाए, तो किसान लाखों कमा सकते हैं. मछली पालन यानी फिश फार्मिंग ऐसी ही एक कमाल की तकनीक बन चुकी है, जो अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही. आधे एकड़ तालाब से सिर्फ 30 हजार रुपये लगाकर 6 महीने में 3 लाख तक कमाई की जा सकती है. यही वजह है कि अब गांवों में भी मछली पालन को लोग एक जबरदस्त स्टार्टअप की तरह देखने लगे हैं.

कम लागत वाला बिजनेस, कम मेहनत में ज्यादा मुनाफा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मछली पालन में मेहनत भी कम है और रिस्क भी ज्यादा नहीं होता, बस शुरुआती जानकारी होनी चाहिए. एक बार तालाब तैयार हो गया तो बस समयसमय पर पानी, ऑक्सीजन और मछली के दाने का ध्यान रखना होता है. मछली पालन धीरेधीरे किसानों की मुख्य कमाई का जरिया बन रहा है क्योंकि 6 महीने में ही तैयार माल बिक जाता है और पैसा तुरंत हाथ में आता है.

तालाब और मछली चयन सबसे जरूरी

एक अच्छा तालाब ही मछली पालन की असली नींव है. गर्मी के मौसम में तालाब की सफाई कर लें ताकि बरसात में साफ पानी भर सके. एक्सपर्ट्स यह सलाह देते हैं कि मछली का बीज बड़ा हो तो उसकी मृत्यु दर बहुत कम होती है. उंगली आकार की मछलियों (फिंगर लिंग) को तालाब में डालना ज्यादा फायदेमंद होता है. रोहु, कतला और मृगल जैसी भारतीय प्रजातियां सबसे भरोसेमंद और उत्पादन देने वाली मानी जाती हैं.

आधे एकड़ में 3 लाख तक कमाई कैसे?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आधे एकड़ तालाब में लगभग 25 से 30 हजार मछलियां डाली जा सकती हैं. मार्केट में 1000 मछली के बीज 600 से 800 रुपये में मिल जाते हैं. सही देखभाल करने पर 6 महीने में एक मछली लगभग 1 किलो तक की हो जाती है. बाजार में मछली आराम से 120 से 180 रुपये किलो के बीच बिकती है. ऐसे में खर्च मात्र 30 हजार, जबकि कमाई 3 लाख रुपये से भी ऊपर हो सकती है.

सरकार दे रही सब्सिडी और तकनीक

भारत सरकार और कई राज्य सरकारें मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए 40 फीसदा से 60 प्रतिशत तक सब्सिडी उपलब्ध कराती हैं. उत्तर प्रदेश में महिलाओं को एयरेशन सिस्टम लगाने पर 50 से 60 प्रतिशत तक का अनुदान मिलता है जिससे तालाब में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है और मछलियों का उत्पादन लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ जाता है. मत्स्य विभाग नई तालाब निर्माण, मशीनरी खरीद और मछली बीज की लागत में भी सहायता देता है. इस सब्सिडी और तकनीकी मदद के कारण फिश फार्मिंग ग्रामीण महिलाओं और किसानों के लिए एक लाभदायक और आसान व्यवसाय बन गया है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

ज्ञान का सम्मान क्विज

दूध उत्पादन में कौन सा राज्य सबसे आगे है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
जायद सीजन.
विजेताओं के नाम
रजनीश जाट, नासिराबाद, अजमेर राजस्थान.

लेटेस्ट न्यूज़

Cai Increases Cotton Production Target Expects Production 324 Lakh Bales

CAI ने बढ़ाया कपास उत्पादन का टारगेट, 324 लाख गांठ प्रोडक्शन की उम्मीद.. जानें किस राज्य में कितनी होगी पैदावार

Udhampur Apple Farmer Success Story Government Subsidy High Density Farming

सरकारी मदद से बदली किसान की जिंदगी.. 1 साल में शुरू किया सेब का उत्पादन, छोटी जमीन को बना दी सोने की खान!

Farmers Big Smart Gif Raisen Krishi Mahotsav In Madhya Pradesh Now Mobile Tell How Much Fertilizer Apply In Field

अब मोबाइल बताएगा खेत में कितनी खाद डालें, रायसेन कृषि महोत्सव में किसानों को मिला बड़ा स्मार्ट तोहफा

Farmer Id Is Mandatory In Up Farmer Id Is Important For Msp Crops Purchased At Msp

यूपी में Farmer ID अनिवार्य, इसके बगैर नहीं मिलेगा MSP का लाभ! पीएम किसान के लिए भी जरूरी

Rajasthan Rain Has Destroyed Crops Like Isabgol Cumin Wheat And Mustard

राजस्थान में बारिश से इसाबगोल, जीरा, गेहूं और मक्का की फसल चौपट, पैदावार में भी गिरावट.. कब मिलेगा मुआवजा ?

Fertilizer Subsidy Approval Union Cabinet Has Approved The Nutrient Based Fertilizer Subsidy Rates For Kharif 2026

किसानों के हित में बड़ा फैसला, खरीफ सीजन में मिलेगी भरपूर खाद.. सरकार ने इन उर्वरकों पर सब्सिडी बढ़ाई