पशु डॉक्टर के आने का झंझट खत्म! थनैला रोग को जड़ से मिटाएगा ये 5 रुपये का घरेलू नुस्खा

Thanaila Rog: थनैला रोग से अब डरने की जरूरत नहीं है. बस इस चीज का रस रोज 3 दिनों तक पिलाने से पशु के थनों की सूजन और दूध में खून आने की समस्या जड़ से खत्म हो सकती है. यह घरेलू नुस्खा इंजेक्शन के दर्द और डॉक्टर के महंगे खर्च से आपके पशु को बचाता है. ऐसे में आइए जानते हैं इस नुस्खे के बारे में.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 10 Jan, 2026 | 10:00 PM

Mastitis Treatment in Cattle: एक पशुपालक के लिए उसकी गाय या भैंस सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि उसके परिवार का सदस्य और बैंक बैलेंस होती हैं. सोचिए, सुबह-सुबह जब आप दूध निकालने जाएं और थनों में सूजन दिखे या दूध की जगह खून आने लगे, तो दिल पर क्या बीतती है. थनैला (Mastitis) एक ऐसी ही जानलेवा बीमारी है जो अच्छे-भले पशु को बर्बाद कर देती है और किसान को हजारों के डॉक्टर बिल के नीचे दबा देती है. लेकिन अब घबराने की जरूरत नहीं है! आपके किचन की एक छोटी सी चीज इस बड़ी आफत को टाल सकती है

चुपचाप आने वाली बड़ी आफत

थनैला रोग  (Thanaila Rog) किसी दुश्मन की तरह चुपचाप हमला करता है. कभी दूध में गांठें आती हैं, तो कभी थन पत्थर की तरह सख्त हो जाते हैं. अगर समय पर इलाज न मिले, तो पशु हमेशा के लिए दूध देना बंद  कर सकता है. अक्सर किसान भाई घबराकर महंगे एंटीबायोटिक इंजेक्शन लगवाते हैं, जिससे पशु के शरीर में कमजोरी आ जाती है और दूध भी सूख जाता है. लेकिन कुदरत ने हमें एक ऐसा रामबाण इलाज दिया है जो न केवल सस्ता है, बल्कि पशु की सेहत के लिए भी वरदान है.

5 रुपये में 100 फीसदी समाधान

यकीन मानिए, मात्र 250 ग्राम नींबू का रस  आपके पशु की किस्मत बदल सकता है. नींबू में भरपूर मात्रा में विटामिन-C (साइट्रिक एसिड) होता है, जो थनों के अंदर जमी हुई गंदगी और संक्रमण (Infection) को साफ करने में माहिर है. यह न केवल थनों की सूजन को कम करता है, बल्कि अगर दूध में खून आ रहा है, तो उसे भी तुरंत रोकने की ताकत रखता है. यह नुस्खा इतना आसान है कि इसे कोई भी छोटा बच्चा भी तैयार कर सकता है.

इस्तेमाल करने का सही तरीका जान लें

इस नुस्खे को आजमाना बहुत सरल है आपको हर रोज लगभग 250 ग्राम ताजे नींबू का रस निकालना है. इस रस को आप सीधे पशु को पिला सकते हैं. या फिर थोड़ी सी चीनी या गुड़ के पानी में मिलाकर दे सकते हैं, ताकि पशु इसे चाव से पी ले ध्यान रहे. यह प्रक्रिया आपको लगातार 3 दिनों तक दोहरानी है. पहले ही दिन से आपको थनों की सूजन कम होती दिखेगी और दूध की क्वालिटी  में सुधार आने लगेगा. यह नुस्खा थन के अंदर की नसों को खोल देता है जिससे दूध का बहाव फिर से सामान्य हो जाता है.

सफाई है सबसे बड़ी दवाई

नुस्खे के साथ-साथ एक बात का हमेशा ध्यान रखें-थनैला गंदगी से फैलता है जिस जगह पशु बैठता है, वहां सूखा रखें और दूध निकालने  से पहले और बाद में थनों को हल्के गुनगुने पानी से जरूर धोएं. जब आप प्यार से अपने पशु की देखभाल करते हैं और इन छोटे-छोटे देसी उपायों को अपनाते हैं, तो डॉक्टर को बुलाने की नौबत ही नहीं आती आपका पशु स्वस्थ रहेगा, तो आपकी जेब भी भारी रहेगी.

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Published: 10 Jan, 2026 | 10:00 PM

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