उत्तर प्रदेश के किसानों व उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से लागू की गई मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना (Mukhyamantri krashak durghatana kalyan yojana) एक मजबूत सुरक्षा कवच बनकर उभरी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में वर्ष 2019 से संचालित इस योजना के तहत अब तक 1 लाख 8 हजार से अधिक किसानों को आर्थिक सहायता मिल चुकी है. योजना न केवल दुर्घटना की स्थिति में किसान परिवार का संबल बनती है, बल्कि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी स्थिरता प्रदान करती है.
इस साल 18 हजार से ज्यादा किसानों को मिले 873 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत दुर्घटनावश मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में किसान परिवार को 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है. वित्तीय वर्ष 2025-26 में योजना के तहत राजस्व विभाग की ओर से 873.58 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं, जिससे प्रदेश के 18,145 किसानों या उनके परिवारों को आर्थिक सहायता दी गई है. दुर्घटना बीमा राशि मिलने से पीड़ितों और उनके परिजनों को आर्थिक मजबूती मिली है.
7 साल में 1 लाख से ज्यादा किसानों को मिला योजना का लाभ
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में वर्ष 2023-24 में योजना का दायरा बढ़ाते हुए भूमिहीन किसानों व खेतिहर श्रमिकों को भी योजना में शामिल किया गया. वर्ष 2023-24 में योजना के तहत 944.72 करोड़ रुपये वितरित कर 23,821 किसानों को सहयोग दिया गया था. योजना की शुरुआत के वर्ष 2019 से अब तक 1,08,098 किसानों या उनके परिवारों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है.
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फरवरी से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा मिलेगी
मुख्यमंत्री के दिशानिर्देश पर राजस्व परिषद योजना का पूरी तरह डिजिटलीकरण कर रहा है. इसके लिए एनआईसी की मदद से एक आधुनिक वेब पोर्टल और सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है, जो कि फरवरी 2026 तक पूरा हो जाएगा. योजना के पूरी तरह ऑनलाइन हो जाने से किसानों को बार-बार तहसील या जिला कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी समाप्त हो जाएंगी. नए पोर्टल से आवेदन प्रक्रिया से लेकर लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे धनराशि हस्तांतरण तक संभव हो सकेगा.
किसान दुर्घटना बीमा योजना का लाभ कैसे लें
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को नजदीकी तहसील या जिला कार्यालय (District Collector/Revenue Office) में दुर्घटना के 45 दिनों के भीतर आवेदन फॉर्म और प्रमाण पत्र के साथ जमा करना होता है. इसमें दुर्घटना की जानकारी, पहचान दस्तावेज, उम्र व पता के प्रमाण और खेती के कागज शामिल होते हैं. वर्तमान में सरकार योजना को पूरा डिजिटल करने की प्रक्रिया भी लागू कर रही है, ताकि किसान घर बैठे NIC के वेब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकें और लाभ राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हो.
योजना का लाभ लेने के लिए किसान या किसान की मृत्यु, दुर्घटना के समय व्यक्ति की उम्र आमतौर पर लगभग 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए और वह उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए. भूमि मालिक, बटाईदार, पट्टेदार या खेतिहर श्रमिक सहित कृषि से जुड़े किसान परिवारों के सदस्य भी पात्र माने जाते हैं.