Budget 2026 : किसानों की होगी बल्ले-बल्ले.. अब 8000 हो सकती है PM सम्मान निधि, जानें पूरा गणित
बजट 2026 से पहले किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी आ रही है. बढ़ती महंगाई और खेती की लागत को देखते हुए केंद्र सरकार पीएम किसान सम्मान निधि की सालाना राशि बढ़ाई जा सकती है. अगर यह फैसला लागू होता है, तो किसानों को मिलने वाली हर किस्त की राशि में भी बड़ा इजाफा होगा.
PM Kisan Budget 2026 : राजस्थान के खेतों में कड़ाके की ठंड के बीच पसीना बहा रहे किसानों के लिए एक ऐसी खबर आ रही है, जो उनके चेहरे पर मुस्कान ला सकती है. 1 फरवरी 2026 को जब देश का बजट पेश होगा, तो उम्मीद है कि वित्त मंत्री की पोटली से किसानों के लिए एक बड़ा सरप्राइज निकलेगा.
लंबे समय से चल रही चर्चाओं और किसान संगठनों की मांग के बीच अब यह संभावना जताई जा रही है कि पीएम किसान सम्मान निधि की राशि में बढ़ोतरी होने वाली है. अगर सब कुछ ठीक रहा, तो राजस्थान सहित देशभर के करोड़ों किसानों की सालाना आर्थिक मदद 6,000 रुपये से बढ़कर 8,000 रुपये हो सकती है. यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि उन हाथों को मजबूती देने की कोशिश है जो देश का पेट भरते हैं.
महंगाई और खेती की बढ़ती लागत
जब पीएम किसान योजना शुरू हुई थी, तब हालात कुछ और थे. लेकिन आज के दौर में डीजल से लेकर खाद और बीज से लेकर कीटनाशक तक, हर चीज के दाम आसमान छू रहे हैं. किसान संगठनों का कहना है कि साल के 6,000 रुपये आज की महंगाई के सामने बहुत कम पड़ जाते हैं. एक किसान के लिए बुवाई के वक्त पैसों का इंतजाम करना सबसे बड़ी चुनौती होती है. ऐसे में अगर सरकार सालाना राशि को 8,000 रुपये तक बढ़ाती है, तो यह किसानों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होगा.
2,000 की जगह अब 2,666 की किस्त? समझिए नया गणित
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बजट 2026 में इस पर मुहर लग सकती है. अभी तक किसानों को साल में 2,000-2,000 रुपये की तीन किस्तें मिलती हैं. अगर सालाना राशि 8,000 रुपये कर दी गई, तो हर चार महीने में मिलने वाली किस्त की राशि बढ़कर लगभग 2,666 रुपये हो जाएगी. राजस्थान के लाखों किसानों के लिए यह अतिरिक्त पैसा बीज और खाद की चिंता को काफी हद तक कम कर देगा. सरकार चाहती है कि किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य में यह आर्थिक सहायता एक बड़ा आधार बने.
बजट 2026 पर टिकी नजरें
1 फरवरी 2026 की तारीख राजस्थान के हर गांव और ढाणी के लिए महत्वपूर्ण होने वाली है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) जब संसद में बजट पेश करेंगी, तो किसानों की नजरें टीवी और मोबाइल की स्क्रीन पर टिकी होंगी. विशेषज्ञ मानते हैं कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बूस्ट देने के लिए सरकार इस बार कृषि सेक्टर पर विशेष ध्यान देगी. पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त में होने वाली यह संभावित बढ़ोतरी न केवल किसानों की क्रय शक्ति बढ़ाएगी, बल्कि उन्हें साहूकारों के कर्ज के जाल से भी बचाने में मदद करेगी.
खेती के प्रति बढ़ेगा उत्साह
खेती सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि एक कठिन तपस्या है. कई बार बेमौसम बारिश तो कभी सूखे की मार किसान की कमर तोड़ देती है. ऐसे में जब सरकार की ओर से बैंक खाते में सीधे मदद आती है, तो किसान को महसूस होता है कि देश उसके साथ खड़ा है. यह सम्मान निधि वाकई किसानों का सम्मान है. किस्त में बढ़ोतरी की खबर मात्र से ही गांवों की चौपालों पर चर्चाएं तेज हो गई हैं. हर किसान को उम्मीद है कि इस बार बजट उनके घर में समृद्धि और खुशहाली का नया पैगाम लेकर आएगा.