देशभर में गेहूं खरीद शुरू हो चुकी है. हरियाणा में भी 1 एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू है. 10 दिन में खरीदे गए कुल गेहूं का भुगतान भी किसानों के खाते में डीबीटी के जरिए भेजना शुरू हो चुका है. हरियाणा सरकार ने बयान में कहा है कि गेहूं किसानों के खाते में उनकी उपज के एवज में 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि ट्रांसफर कर दी गई है. इसके साथ ही सरसों किसानों को भी 4 करोड़ से ज्यादा का भुगतान किया गया है.
10 हजार गेहूं किसानों के खाते में पहुंचे 13 करोड़
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में कहा कि किसानों की उपज खरीद के साथ ही भुगतान शुरू कर दिया गया है. सरकार के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि किसानों को गेहूं की MSP 2585 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से अब तक 13 करोड़ 9 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है. यह राशि करीब 10 हजार किसानों के खाते में भेजी गई है. बता दें कि राज्य में 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद चालू है जो 15 मई तक जारी रहेगी.
78 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा, 72 लाख मीट्रिक टन का टारगेट
हरियाणा में रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए कुल 416 गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए हैं जहां एमएसपी पर गेहूं की खरीद की जा रही है. गेहूं की खरीद 3 सरकारी एजेंसियां HAFED, हरियाणा राज्य भंडारण निगम (HSWC) और भारतीय खाद्य निगम (FCI) कर रही हैं. गेहूं खरीद एजेंसियों ने अब तक 78 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर ली है. जबकि, 72 लाख मीट्रिक टन खरीद का टारगेट रखा गया है.
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3421 मीट्रिक टन सरसों खरीद के बाद 4 करोड़ का भुगतान
हरियाणा सरकार के अनुसार सरसों किसानों से उपज की खरीद की गई है. अब तक 16046 मीट्रिक टन सरसों की आवक हुई, जिसमें से 3421 मीट्रिक टन सरसों की सरकारी खरीद की गई. मंडियों में 1058 मीट्रिक टन सरसों का उठान कराया जा चुका है. किसानों को 6200 प्रति क्विंटल एमएसपी के हिसाब से अब तक 4 करोड़ 94 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है.
मजदूरों का मासिक वेतन बढ़ाया
सीएम नायब सैनी ने मजदूरों के मासिक वेतन में बढ़ोत्तरी की घोषणा की है. अब अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 11,275 से बढ़ा करके 15,220 रुपए किया गया है. अर्ध कुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 12,430 रुपए से बढ़ा कर 16,780 रुपए किया गया है. कुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 13704 से बढ़ा कर 18500 रुपए किया गया है. हाई स्किल्ड श्रमिकों का मासिक वेतन 14389 से बढ़ा करके 19425 रुपए किया गया है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि श्रमिकों के न्यूनतम मासिक वेतन में लगभग 35 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है.