अनाज खरीद एजेंसी को भुगतान करने पड़े 96 लाख रुपये, किसानों के हक में हाईकोर्ट का फैसला

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश में किसानों का अनाज खरीदने के बाद भुगतान नहीं करने का मामला हाईकोर्ट जा पहुंचा, जिसके बाद कोर्ट ने किसानों के हक में फैसला देते हुए खरीद एजेंसी को तत्काल राशि भुगतान करने का आदेश दिया है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 7 May, 2026 | 02:45 PM

मध्य प्रदेश में किसानों का आनाज खरीदने के बाद उनके पैसे का भुगतान नहीं करने वाली एजेंसी पर शिकंजा कस गया है. हाईकोर्ट ने मामले पर फैसला सुनाते हुए संबंधित खरीद एजेंसी को तत्काल किसानों के पैसे भुगतान करने का आदेश दिया है. 64 किसानों की शिकायत के बाद खरीद एजेंसी को करीब 1 करोड़ रुपये भुगतान करने का फैसला सुनाया गया है.

छिंदवाड़ा जिले की कृषि उपज मंडी समिति चौरई की अपील पर उच्च न्यायालय जबलपुर ने 64 किसानों को बेचे गए अनाज की राशि 96 लाख 51 हजार 500 रुपये के भुगतान करने का आदेश दिया है. मंडी में रजिस्टर्ड फर्म ज्ञाताश्री ट्रेडर्स ने किसानों से खरीदे गए अनाज का भुगतान नहीं किया था. किसानों की शिकायत के बाद मंडी समिति ने तुरंत कार्रवाई की.

हाईकोर्ट ने किसानों के हक में सुनाया फैसला

किसानों की शिकायत के बाद मध्य प्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड के प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम ने सिविल कोर्ट से अनुमति नहीं मिलने पर मंडी समिति की ओर से उच्च न्यायालय जबलपुर में किसानों की ओर से याचिका दायर की गई. उच्च न्यायालय ने 30 अप्रैल 2026 को किसानों के हित में निर्णय देते हुए भुगतान करने के आदेश दिए.

मंडी समिति के खाते में जमा कराई गई राशि

चौरई के न्यायालय ने अनाज खरीद फर्म से वसूली के लिए आरआरसी जारी की, जिसके बाद तहसीलदार की ओर से आदेशानुसार 96,51,500 रुपये की वसूली की गई और राशि मंडी समिति के खाते में जमा कराई गई है. हाईकोर्ट के आदेशानुसार किसानों को भुगतान मंडी समिति चौरई की ओर से समयसीमा में की जाएगी.

किसान को भुगतान में देरी की गई तो नपेंगे अफसर- सीएम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उपज का एक-एक दाना कीमती है. मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता और समय पर भुगतान हमारी प्राथमिकता है. उन्होंने मंडी बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश की सभी मंडी समितियां यह पक्का करें कि किसी भी स्थिति में किसानों के भुगतान में लापरवाही न हो. खरीदी गई कृषि उपज का भुगतान समय-सीमा में कराया जाए. मंडी बोर्ड की ओर से सभी मंडी सचिवों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं कि किसान हित सर्वोपरि है और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

ज्ञान का सम्मान क्विज

खरीफ सीजन में सबसे ज्यादा उगाई जाने वाली फसल कौन सी है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
2585 रुपये प्रति क्विंटल
विजेताओं के नाम
रंजीत महतो- विष्णुपुर, हजारीबाग, झारखंड

लेटेस्ट न्यूज़