Poplar Tree Cultivation: खेती का तरीका तेजी से बदल रहा है. अब किसान सिर्फ पारंपरिक फसलों पर निर्भर नहीं रहना चाहते, बल्कि ऐसी खेती की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे कम मेहनत में अच्छी कमाई हो सके. इसी वजह से पॉपलर (Poplar) की खेती किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. कृषि विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद के अनुसार, इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि, इस पेड़ को ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती और करीब 5 से 6 साल में यह कटाई के लिए तैयार हो जाता है. एक बार पेड़ तैयार होने पर किसानों को एकमुश्त अच्छी रकम मिल सकती है.
बाजार में हमेशा बनी रहती है लकड़ी की मांग
पॉपलर बहुत तेजी से बढ़ने वाला पेड़ है. इसकी लकड़ी की बाजार में सालभर अच्छी मांग रहती है. प्लाईवुड, फर्नीचर, माचिस, पैकिंग बॉक्स और कागज उद्योग में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है. मांग लगातार बनी रहने के कारण किसानों को इसकी अच्छी कीमत मिल जाती है. यही वजह है कि कई किसान अब इसे अतिरिक्त कमाई का मजबूत विकल्प मान रहे हैं.
पॉपलर की खेती ज्यादा कठिन नहीं है. सामान्य देखभाल के साथ करीब पांच साल में एक पेड़ का वजन 2 से 3 क्विंटल तक पहुंच सकता है. फिलहाल बाजार में इसकी लकड़ी 1,100 से 1,200 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बिक रही है. अगर किसान एक एकड़ में व्यवस्थित तरीके से पौधे लगाते हैं, तो 5-6 साल बाद लाखों रुपये की कमाई संभव है.
- IMD का बड़ा अलर्ट! दिल्ली, यूपी, बिहार समेत इन राज्यों में आंधी-बारिश, पहाड़ों पर बाढ़ और लैंडस्लाइड का खतरा
- लद्दाख में रासायनिक खाद पर पूरी तरह रोक, अब सिर्फ जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा, नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना
- पहली बार सिंगापुर पहुंचीं कश्मीर की प्रीमियम चेरी और प्लम, किसानों की कमाई 50 फीसदी तक बढ़ने की उम्मीद
सही मिट्टी और मौसम का रखें ध्यान
पॉपलर की अच्छी बढ़वार के लिए सही जलवायु और मिट्टी का चयन जरूरी है. इसकी खेती 10 से 45 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में की जा सकती है, लेकिन 18 से 20 डिग्री तापमान इसकी बढ़वार के लिए सबसे बेहतर माना जाता है.
खेती के लिए उपजाऊ दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त रहती है. खेत में पानी निकासी की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए, क्योंकि जलभराव से पौधों की वृद्धि प्रभावित हो सकती है. खारी या बहुत अधिक चिकनी मिट्टी में इसकी खेती करने से बचना चाहिए.
पौधरोपण का सही तरीका
पॉपलर लगाने का सबसे अच्छा समय फरवरी से अप्रैल माना जाता है. हालांकि किसान चाहें तो बारिश के मौसम में भी इसकी रोपाई कर सकते हैं. पौधों के बीच पर्याप्त दूरी रखना जरूरी है. आमतौर पर लाइन से लाइन और पौधे से पौधे के बीच लगभग 5 मीटर की दूरी रखी जाती है. पौधे लगाने से पहले करीब एक मीटर गहरा गड्ढा तैयार कर उसमें गोबर की खाद और जरूरी उर्वरक मिलाए जाते हैं.
सह-फसल से होती है अतिरिक्त आय
पॉपलर की खेती का सबसे बड़ा फायदा यह है कि शुरुआती 2 से 3 साल तक पेड़ों के बीच खाली जगह में दूसरी फसलें भी उगाई जा सकती हैं. किसान गेहूं, गन्ना, हल्दी या बरसीम जैसी फसलें लेकर नियमित आय कमा सकते हैं. इससे खेत का पूरा उपयोग होता है और पेड़ तैयार होने तक आमदनी भी बनी रहती है. कम लागत, कम देखभाल और बाजार में लगातार बनी मांग के कारण पॉपलर की खेती आज किसानों के लिए लंबी अवधि में बेहतर कमाई का एक मजबूत विकल्प बनकर उभर रही है.