CM Kisan Yojana: मुख्यमंत्री किसान योजना का लाभ सिर्फ जमीन के मालिक किसानों तक सीमित है या बटाई पर खेती करने वाले किसानों को भी इसका फायदा मिल सकता है? यह सवाल लाखों किसानों के लिए अहम है. दरअसल, CM Kisan योजना की पात्रता हर राज्य में अलग-अलग हो सकती है. ओडिशा में बटाईदार और वास्तविक रूप से खेती करने वाले किसानों को योजना में शामिल किया गया है, जबकि मध्य प्रदेश में स्थिति अलग है. ऐसे में किसान आवेदन करने से पहले अपने राज्य के नियम जरूर समझ लें.
ओडिशा में बटाईदार किसानों को मिल सकता है लाभ
ओडिशा की CM-KISAN योजना बटाईदार और वास्तविक रूप से खेती करने वाले छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए राहत लेकर आती है. योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार, 5 एकड़ से कम कृषि भूमि पर खेती करने वाले पात्र किसान इसका लाभ ले सकते हैं. इसमें ऐसे किसान भी शामिल हो सकते हैं जो बटाई पर जमीन लेकर खेती करते हैं. यानी केवल जमीन का मालिक होना ही हर स्थिति में योजना का आधार नहीं है.
भूमिहीन किसानों के लिए भी सहायता
ओडिशा में ऐसे बटाईदार या कृषि श्रमिक जो पूरी तरह भूमिहीन श्रेणी में आते हैं, उनके लिए भी आजीविका सहायता का प्रावधान है. इसका मतलब यह है कि जमीन अपने नाम नहीं होने के बावजूद खेती या कृषि गतिविधियों से जुड़े लोगों को राज्य की योजना के तहत सहायता मिल सकती है. इसके लिए पात्रता और संबंधित श्रेणी के नियमों को पूरा करना जरूरी है.
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मध्य प्रदेश में बटाईदार किसानों की स्थिति अलग
मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में बटाईदार किसानों के लिए स्थिति अलग है. यहां योजना का लाभ मुख्य रूप से उन किसानों को मिलता है जो PM-Kisan योजना में पंजीकृत हैं. चूंकि PM-Kisan में जमीन के मालिक किसानों को पात्रता दी जाती है, इसलिए केवल बटाई पर खेती करने वाले किसान सामान्य तौर पर मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के दायरे से बाहर रह जाते हैं. ऐसे में बटाईदार किसानों को अपने राज्य के अलग नियमों की जानकारी लेना जरूरी है.
नई जमीन खरीदने वालों को क्या करना होगा?
नई जमीन खरीदने वाले किसानों के लिए भी जमीन का रिकॉर्ड बेहद महत्वपूर्ण है. सिर्फ जमीन खरीद लेने से हर योजना का लाभ तुरंत शुरू हो जाए, यह जरूरी नहीं है. किसान के नाम भूमि रिकॉर्ड अपडेट होना और संबंधित किसान रजिस्ट्री में जानकारी दर्ज होना महत्वपूर्ण हो सकता है. केंद्र सरकार की AgriStack पहल के तहत राज्यों में किसान रजिस्ट्री को मजबूत किया जा रहा है, जिसमें बटाईदार, काश्तकार और कृषि मजदूरों को भी चरणबद्ध तरीके से शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है. इसलिए CM Kisan का लाभ लेने से पहले किसान अपने राज्य की पात्रता, भूमि रिकॉर्ड और किसान रजिस्ट्रेशन की स्थिति जरूर जांच लें.