मॉनसून के दौरान पंजाब में बीते दशक की सबसे भयंकर बाढ़ के हालात देखे गए थे. बाढ़ से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ था. राज्य और केंद्र सरकार की ओर से किसानों को नुकसान भरपाई के लिए राशि भुगतान करने का वादा किया गया था. लेकिन, किसानों का आरोप है कि नुकसान की कुछ राशि तो किसानों को मिली और बकाया जल्द जारी करने का तब वादा किया गया था, जिसे 5 महीने बीतने के बाद भुगतान नहीं किया गया है. इससे नाराज किसानों ने किसान मजदूर मोर्चा के नेतृत्व में बैठक कर जल्द मामले का हल नहीं निकाले जाने पर 19 मार्च से बड़ा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है. वहीं, अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई. वहीं, 14 मार्च को किसान गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे का विरोध करेंगे.
किसान मजदूर मोर्चा (KMM) 1 मार्च को किसान भवन चंडीगढ़ में जसविंदर सिंह लोंगोवाल, दिलबाग सिंह गिल और बलवंत सिंह बहिरामके की अध्यक्षता में बैठक हुई. इसमें कहा गया है कि 19 मार्च 2026 को माजा, अमृतसर में डीसी दफ्तर के सामने मोर्चा शुरू किया जाएगा. किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें किसान विरोधी नीतियों पर काम कर रही हैं. किसानों को अगस्त से अक्टूबर तक मॉनसूनी बारिश से भारी नुकसान हुआ था. कई किसानों के खेतों की मिट्टी तक बह गई और खेत खाई बन गया. सरकार ने नुकसान का बकाया अब तक भुगतान नहीं किया गया है. बाढ़ का बकाया मुआवजा तुरंत जारी किया जाए.
पराली जलाने के नाम पर दर्ज मुकदमे वापस ले सरकार
किसान मजदूर मोर्चा के बयान में कहा गया कि शंभू और खनौरी मोर्चों पर किसानों की ट्रॉलियों की चोरी सहित हुए नुकसान की भरपाई की जाए तथा घायलों और शहीद परिवारों को बकाया मुआवजा दिया जाए. इसके साथ ही किसानों-मजदूरों पर मोर्चे के दौरान दर्ज किए गए सभी पुलिस, रेलवे संबंधी केस वापस लिए जाएं. किसान नेताओं ने कहा कि पराली जलाने के आरोप लगाकर कई किसानों को जबरन फंसाया गया है और उनपर केस दर्ज किए गए हैं. उन्हें तत्काल रद्द कराया जाए.
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14 मार्च को गृह मंत्री अमित शाह का विरोध करेंगे किसान
किसान नेताओं ने बैठक में यह निर्णय लिया कि 14 मार्च को पंजाब दौरे पर आ रहे अमित शाह का विरोध किया जाएगा. इसके तहत जिला केंद्रों पर बड़े एकत्रित कार्यक्रम किए जाएंगे और मोदी सरकार के किसान-मजदूर विरोधी फैसलों के खिलाफ पुतला फूंक प्रदर्शन किए जाएंगे. साथ ही मांग की जाएगी कि भारत-अमेरिका समझौता, बिजली संशोधन बिल 2025, बीज एक्ट 2025 और मजदूरों के चार लेबर कोड रद्द किए जाएं. इसके साथ ही मनरेगा को बहाल किया जाए, किसानों-मजदूरों को कर्जमुक्त कर एमएसपी गारंटी कानून बनाया जाए.
किसान अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा- सरवन सिंह पंढेर
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि किसान मजदूर मोर्चा किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा और आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा. शंभू और खनौरी मोर्चों पर मोदी सरकार की ओर से किए गए अत्याचारों के बारे में भी लोगों को जागरूक किया जाएगा. वहीं, अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई.