ग्रामीण महिलाओं को मशरूम की खेती के लिए मुफ्त ट्रेनिंग, यूनिट लगाने के लिए पैसा भी मिलेगा

Mushroom Farming Training: सेन्ट्रल बैंक आरसेटी के निदेशक बिपिन कुमार ने कहा कि मशरूम की खेती को बढ़ावा देने ट्रेनिंग प्रोग्राम 10 दिनों तक चलेगा. इस दौरान महिलाओं और युवाओं को मशरूम की यूनिट लगाने के साथ ही तकनीकी जानकारी भी दी जा रही है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 9 Feb, 2026 | 05:12 PM

देश में मशरूम की खेती तेजी से बढ़ रही है, अच्छा दाम मिलने के चलते इस ओर किसानों की रुचि बढ़ी है. ग्रामीण महिलाओं को मशरूम की खेती से उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए बिहार में मुफ्त ट्रेनिंग देने की शुरुआत की गई है. ट्रेनिंग पाने वाली महिलाओं को मुफ्त खाना, चाय-नाश्ता आदि की व्यवस्था भी की जा रही है. ट्रेनिंग के बाद मशरूम यूनिट शुरू करने के लिए वित्तीय मदद भी दी जाएगी.

ग्रामीण महिलाओं को मिल रहा मशरूम खेती की ट्रेनिंग

बिहार के मोतिहारी जिले में मशरूम की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) की ओर से कृषि विभाग के साथ मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर ग्रामीण महिलाओं और बेरोजगार युवक-युवतियों को मशरूम उत्पादन का मुफ्त प्रशिक्षण देने की शुरूआत की गई है. ट्रेनिंग देने के लिए प्रशिक्षक गांवों में जाकर चौपाल लगाकर भी किसानों को ट्रेनिंग दी जा रही है.

ट्रेनिंग प्रोग्राम में तकनीकी जानकारी भी दी जा रही

सेन्ट्रल बैंक आरसेटी के निदेशक बिपिन कुमार ने कहा कि मशरूम की खेती को बढ़ावा देने ट्रेनिंग प्रोग्राम 10 दिनों तक चलेगा. इस दौरान महिलाओं और युवाओं को मशरूम की यूनिट लगाने के साथ ही तकनीकी जानकारी भी दी जा रही है. ट्रेनिंग प्रोग्राम का उद्देश्य महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है.

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास

मशरूम खेती का प्रशिक्षण देने पहुंचे मुजफ्फरपुर के सुनील कुमार झा ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को खेती की पूरी जानकारी दी जा रही है. प्रशिक्षण में न केवल मशरूम उत्पादन की तकनीक सिखाई जा रही है, बल्कि व्यवसाय शुरू करने और उसे सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकें.

Mushroom Farming Free Training

गांवों में जाकर किसानों को मशरूम की खेती की ट्रेनिंग दी जा रही है.

मशरूम यूनिट लगाने के लिए वित्तीय मदद देंगे

सेन्ट्रल बैंक आरसेटी के निदेशक बिपिन कुमार ने कहा कि यह प्रशिक्षण पूरी तरह निशुल्क है. प्रशिक्षणार्थियों के लिए रहने, खाने, नाश्ते और चाय की समुचित व्यवस्था की जाती है. इसके अलावा प्रशिक्षण के दौरान आवश्यक सामग्री जैसे किताब, कॉपी और पेन भी संस्थान की ओर से उपलब्ध कराए जाते हैं. सफल प्रतिभागियों को आरसेटी की ओर से प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा. प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागी अपना स्वयं का स्वरोजगार शुरू कर सकें, इसके लिए भारत सरकार और राज्य सरकार की विभिन्न बैंक ऋण योजनाओं के तहत सब्सिडी युक्त ऋण दिलाने में भी आरसेटी सहयोग करती है.

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Published: 9 Feb, 2026 | 05:01 PM

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