न्यूनतम समर्थ मूल्य (MSP) से कम रेट पर उपज बेचने को मजबूर किसानों के लिए राहत भरी खबर है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने NAFED और NCCF के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मार्केट जहां भी फसलों का रेट MSP से कम है, वहां तुरंत किसानों से समय पर और प्रभावी खरीद हर हाल में शुरू की जाए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता किसानों को उनकी उपज का सही और न्यायसंगत मूल्य दिलाना है. इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
दरअसल, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कृषि भवन में NAFED और NCCF के साथ उपार्जन को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. इस दौरान उन्होंने ये निर्देश दिए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपार्जन को सिर्फ औपचारिक काम न मानकर इसे एक मिशन के रूप में लिया जाए, ताकि किसानों को MSP का पूरा लाभ मिल सके. उन्होंने कहा कि अगर बाजार में कीमतें MSP से कम हैं और फिर भी खरीद सही स्तर पर नहीं हो रही है, तो यह किसानों के हित में नहीं है.
दलहन खरीद पर फोकस करने के निर्देश
मंत्री ने यह भी कहा कि एजेंसियों को अपने-अपने जिलों और केंद्रों के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करने चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य स्तर के साथ-साथ जिला स्तर पर उत्पादन, संभावित आवक और 25 फीसदी खरीद क्षमता का सही आकलन करके एक ठोस योजना बनाई जाए, ताकि खरीद के लक्ष्य को जमीन पर प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सके. शिवराज सिंह चौहान ने दलहन और तिलहन फसलों जैसे चना, मसूर, उड़द और सरसों पर खास ध्यान देने की बात कही. उन्होंने कहा कि जहां किसानों को MSP से कम कीमत मिल रही है, वहां खरीद प्रक्रिया को तेजी से बढ़ाना जरूरी है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपार्जन केंद्रों की संख्या, खरीद क्षमता, जिला स्तर की समस्याएं, राज्य सरकारों के निर्देश, गुणवत्ता से जुड़ी दिक्कतें और भुगतान व्यवस्था की रोजाना निगरानी की जाए. साथ ही, जहां भी कोई रुकावट या समस्या हो, उसे तुरंत केंद्रीय स्तर पर उठाकर उसका समाधान किया जाए.
72 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित हो
मसूर की खरीद की समीक्षा के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों से बाजार के वास्तविक दामों की ताजा जानकारी लेने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जहां कीमतें MSP के बराबर या उससे कम हैं, वहां खरीद व्यवस्था को और मजबूत और तेज किया जाए. उन्होंने किसानों को समय पर भुगतान को बेहद जरूरी बताते हुए कहा कि भुगतान प्रणाली को तेज, सरल और भरोसेमंद बनाया जाना चाहिए. समीक्षा में देरी से भुगतान की शिकायतें सामने आने पर उन्होंने निर्देश दिया कि 72 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सख्त SOP तैयार की जाए और इसे राज्यों के साथ मिलकर प्रभावी तरीके से लागू किया जाए.
किसानों को मुश्किल में न छोड़ा जाए
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर किसी राज्य के नियम, प्रक्रियाएं या प्रशासनिक समस्याएं किसानों से खरीद में बाधा बन रही हैं, तो केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर समन्वय करेगी और इन समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब किसानों को भरोसा होगा कि जरूरत पड़ने पर उनकी फसल MSP पर खरीदी जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा है कि किसान को मुश्किल में न छोड़ा जाए, बल्कि उसे सही दाम, समय पर भुगतान और मजबूत खरीद व्यवस्था के जरिए पूरा सहयोग दिया जाए. उन्होंने NAFED और NCCF को निर्देश दिया कि वे खरीद प्रक्रिया को बेहतर करें, समस्याओं की सूची तैयार कर समाधान के साथ पेश करें और बाकी समय में खरीद के प्रदर्शन में सुधार दिखाएं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसान हित में पूरी गंभीरता से काम कर रही है और उपार्जन प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणाम देने वाली बनाया जाएगा.