वैज्ञानिकों को मिली बड़ी सफलता, अब बिहार के किसान अमेरिकी ‘सुपर फूड’ की करेंगे खेती

बिहार में किसान पारंपरिक खेती के साथ बागवानी और ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी जैसी फसलों से कमाई बढ़ा रहे हैं. अब बीएयू सबौर ब्लूबेरी पर शोध कर रहा है. सफल होने पर किसान कम जमीन में आधुनिक तकनीक से अधिक मुनाफा कमा सकेंगे और आय में वृद्धि होगी.

Kisan India
नई दिल्ली | Updated On: 5 May, 2026 | 04:04 PM

Blueberry Cultivation: बिहार में किसान पारंपरिक फसलों की खेती के साथ-साथ बागवानी में दिलचस्पी ले रहे हैं. यहां पर किसान ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी की बड़े स्तर पर खेती कर रहे हैं. इससे किसानों की अच्छी कमाई हो रही है. खास बात यह है कि बागवानी को राज्य में बढ़ावा भी दिया जा रहा है. किसानों के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं. उन्हें सब्सिडी पर खाद, बीज और अन्य उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं. अब आने वाले समय में बिहार के किसान अमेरिकी ब्लूबेरी की खेती करेंगे. क्योंकि बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के वैज्ञानिक ब्लूबेरी जैसे सुपरफूड पर शोध कर रहे हैं. वे बिहार की जलवायु में उगाने पर काम कर रहे हैं और उन्हें शुरुआती सफलता भी मिल गई है. अगर सब कुछ सही रहा, तो किसान जल्द ही इसकी खेती शुरू कर सकते हैं.

कहा जा रहा है कि ब्लूबेरी की खेती राज्य की खेती को आधुनिक बनाने और किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है. बीएयू के कुलपति डॉ. डीआर सिंह ने ‘मीडिया’ को कहा है कि समय के साथ किसानों की जमीन कम होती जा रही है, जिससे पारंपरिक फसलें जैसे गेहूं, मक्का और चना अब परिवार की जरूरत के हिसाब से पर्याप्त आय नहीं दे पा रही हैं. ऐसे में आधुनिक खेती  ही बेहतर विकल्प बन रही है. इसी सोच के साथ विश्वविद्यालय ने ब्लूबेरी की खेती पर रिसर्च शुरू की है, ताकि किसान कम जमीन में ज्यादा मुनाफा कमा सकें.

वैज्ञानिक नई किस्मों पर कर रहे हैं शोध

ब्लूबेरी आमतौर पर अमेरिका और ठंडे देशों में उगने वाला फल है, लेकिन अब बीएयू के वैज्ञानिक इसे बिहार में उगाने की कोशिश कर रहे हैं. इसके लिए विश्वविद्यालय के बड़े खेत में ब्लूबेरी की कई किस्में  लगाई गई हैं, जिनमें कुछ पौधों पर फूल और फल भी आने लगे हैं. वैज्ञानिक अब यह पता लगा रहे हैं कि कौन-सी किस्म और तकनीक बिहार की जलवायु और मिट्टी के लिए सबसे बेहतर है. साथ ही, वे विदेशी और स्थानीय ब्लूबेरी के स्वाद, गुणवत्ता और पोषक तत्वों की भी तुलना कर रहे हैं.

ब्लूबेरी की खेती से किसानों की बढ़ेगी कमाई

ब्लूबेरी को सुपरफूड इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जिसकी वजह से बाजार में इसकी कीमत काफी अधिक होती है. यह फल महंगे दामों पर बिकता है, जिससे किसानों की आय कई गुना बढ़ने की संभावना रहती है. इसे छोटे खेतों या नियंत्रित वातावरण में भी आसानी से उगाया जा सकता है, जिससे बेहतर मुनाफा मिल सकता है. अगर यह शोध सफल होता है तो इसे बिहार के अन्य जिलों में भी बढ़ाया जाएगा और स्थानीय स्तर पर नए बाजार विकसित होंगे. कुलपति का मानना है कि जल्द ही रिसर्च पूरी कर इसकी उन्नत किस्म और खेती की तकनीक किसानों तक पहुंचाई जाएगी. यदि यह प्रयोग सफल रहा, तो बिहार विदेशी फलों के उत्पादन में अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है.

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Published: 5 May, 2026 | 04:02 PM
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