अनार के फटने से बढ़ रहा नुकसान, एक्सपर्ट से जानिए बचाव के आसान तरीके

डॉ. पुनीत कुमार पाठक के अनुसार, अनार के फटने के पीछे कई कारण होते हैं और अक्सर यह समस्या खेती की देखभाल और मौसम से जुड़ी होती है. अनार की खेती में थोड़ी सी सावधानी और सही तकनीक अपनाकर किसान अपने नुकसान को कम कर सकते हैं.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 28 Mar, 2026 | 11:30 AM

pomegranate fruit cracking: अनार की खेती किसानों के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है, क्योंकि यह फल बाजार में अच्छी कीमत दिलाता है और इसकी मांग भी लगातार बनी रहती है. लेकिन पिछले कुछ समय से कई किसान एक बड़ी समस्या से जूझ रहे हैं अनार के फलों का अचानक फटना. जब फल फट जाते हैं, तो उनकी सुंदरता खत्म हो जाती है और बाजार में उनकी कीमत भी गिर जाती है. इतना ही नहीं, फटे हुए फल जल्दी खराब हो जाते हैं, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.

उद्यान अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार पाठक ने किसान इंडिया को बताया कि अनार का फटना एक सामान्य समस्या है, लेकिन सही तरीके अपनाकर इसे काफी हद तक रोका जा सकता है.

क्यों फटते हैं अनार के फल?

डॉ. पुनीत कुमार पाठक के अनुसार, अनार के फटने के पीछे कई कारण होते हैं और अक्सर यह समस्या खेती की देखभाल और मौसम से जुड़ी होती है.

सबसे बड़ा कारण अनियमित सिंचाई है. जब पौधों को कभी बहुत ज्यादा और कभी बहुत कम पानी दिया जाता है, तो फल के अंदर के दाने तेजी से बढ़ते हैं, लेकिन छिलका उसी गति से नहीं फैल पाता. इस वजह से फल फट जाता है. वहीं मौसम में अचानक बदलाव भी एक बड़ा कारण है. तापमान या नमी में तेजी से बदलाव होने पर फल का विकास असंतुलित हो जाता है और छिलका कमजोर पड़ जाता है.

इसके अलावा मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी, खासकर कैल्शियम की कमी, भी इस समस्या को बढ़ाती है. कमजोर छिलका अंदर के दबाव को सहन नहीं कर पाता और फल फट जाता है.

इतना ही नहीं अगर फल ज्यादा समय तक पेड़ पर छोड़ दिए जाएं, तो वे जरूरत से ज्यादा पक जाते हैं. इस स्थिति में भी फटने की संभावना बढ़ जाती है. कुछ किस्में भी ऐसी होती हैं, जिनमें यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है.

कैसे रोकें अनार के फलों का फटना?

डॉ. पाठक बताते हैं कि अगर किसान कुछ आसान बातों का ध्यान रखें, तो इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है.

  • सबसे जरूरी है नियमित और संतुलित सिंचाई. पौधों को एक समान मात्रा में पानी देना चाहिए, ताकि उनमें अचानक बदलाव न हो. ड्रिप सिंचाई तकनीक इसमें काफी मददगार साबित होती है, क्योंकि इससे पानी धीरे-धीरे और नियंत्रित मात्रा में मिलता है.
  • मिट्टी की नमी बनाए रखना भी जरूरी है. इसके लिए मल्चिंग यानी मिट्टी को ढककर रखना एक अच्छा तरीका है. इससे नमी बनी रहती है और तापमान का असर भी कम होता है.
  • सही समय पर फल तोड़ना भी बहुत जरूरी है. अगर फल ज्यादा समय तक पेड़ पर रहेंगे, तो उनके फटने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए पकने के बाद समय पर हार्वेस्टिंग करनी चाहिए.
  • पोषण का संतुलन बनाए रखना भी बेहद जरूरी है. खासकर कैल्शियम और अन्य जरूरी तत्वों की पर्याप्त मात्रा देने से फल का छिलका मजबूत बनता है और फटने की समस्या कम होती है.

इसके अलावा, किसानों को ऐसी किस्मों का चयन करना चाहिए, जिनमें फल फटने की समस्या कम होती है. नई और उन्नत किस्में इस मामले में बेहतर परिणाम देती हैं.

अच्छी देखभाल से बढ़ेगा मुनाफा

अनार की खेती में थोड़ी सी सावधानी और सही तकनीक अपनाकर किसान अपने नुकसान को कम कर सकते हैं. जब फल अच्छी गुणवत्ता के होंगे, तो बाजार में उनकी कीमत भी बेहतर मिलेगी. खेती में छोटे-छोटे बदलाव ही बड़े परिणाम देते हैं. अगर किसान सिंचाई, पोषण और समय पर कटाई का ध्यान रखें, तो अनार की फसल से अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है.

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Published: 28 Mar, 2026 | 11:30 AM
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