Rubber Dam: गुजरात सरकार ने जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. राज्य में पहली बार दक्षिण कोरियाई तकनीक पर आधारित दो एयर-फिल्ड (हवा से फुलाए जाने वाले) रबर डैम बनाए जाएंगे. यह परियोजना 160 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार की जाएगी. इनमें से एक रबर डैम छोटा उदयपुर जिले की हेरन नदी पर और दूसरा तापी जिले की अंबिका नदी पर बनाया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे किसानों को सिंचाई के लिए अधिक पानी मिलेगा, भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी और बाढ़ की समस्या को भी कम किया जा सकेगा.
अधिकारियों के अनुसार, इन क्षेत्रों में जमीन अपेक्षाकृत समतल है और नदियों के किनारे भी कम ऊंचे हैं. ऐसे स्थानों पर पारंपरिक चेक डैम या गेट वाले बांध उतने प्रभावी नहीं होते. इसलिए रबर डैम तकनीक को चुना गया है. रबर डैम की खासियत यह है कि इसे जरूरत के अनुसार हवा भरकर पानी रोकने और हवा निकालकर पानी छोड़ने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. सूखे मौसम में यह पानी का भंडारण करेगा, जबकि भारी बारिश के दौरान अतिरिक्त पानी को तेजी से छोड़ा जा सकेगा. इससे बाढ़, नदी किनारों के कटाव और गाद (सिल्ट) जमा होने जैसी समस्याओं को कम करने में भी मदद मिलेगी.
30 महीनों में इसे पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य
बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार का कहना है कि यह परियोजना जल प्रबंधन को बेहतर बनाने के साथ-साथ किसानों और स्थानीय लोगों के लिए भी काफी लाभदायक साबित होगी. गुजरात के छोटा उदयपुर जिले में हेरन नदी पर राज्य का पहला हाईटेक रबर डैम बनाया जा रहा है. इस परियोजना पर करीब 82.97 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. फिलहाल इसका लगभग 75 फीसदी काम पूरा हो चुका है और अगले 30 महीनों में इसे पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है.
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3,420 हेक्टेयर कृषि भूमि को मिलेगा पानी
रबर डैम में कंक्रीट के आधार पर एक मजबूत रबर बैग (ब्लैडर) लगाया जाता है. इसमें हवा भरकर पानी रोका जाता है और जरूरत पड़ने पर हवा निकालकर नदी के पानी को सामान्य रूप से बहने दिया जाता है. इस पूरी व्यवस्था को ऑटोमेशन तकनीक से जोड़ा गया है, जिससे इसका संचालन बिना ज्यादा मानवीय हस्तक्षेप के किया जा सकेगा. यह डैम छोटा उदयपुर जिले के बोडेली तालुका के राजवासना गांव के पास बनाया जा रहा है. इसके चालू होने के बाद 25 गांवों की 3,420 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा.
180 मीटर लंबा और 3.5 मीटर ऊंचा रबर ब्लैडर लगाया जाएगा
परियोजना के तहत 180 मीटर लंबा और 3.5 मीटर ऊंचा रबर ब्लैडर लगाया जा रहा है. इसके बनने से मौजूदा वीयर (जल अवरोधक संरचना) की जल भंडारण क्षमता बढ़कर 3.5 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) हो जाएगी. बाढ़ से सुरक्षा के लिए नदी के बाएं किनारे पर 900 मीटर और दाएं किनारे पर 500 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार भी बनाई जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, डैम के रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए 10 साल का संचालन और रखरखाव (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) अनुबंध भी परियोजना में शामिल किया गया है.
जापान के कोड-2000 मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है
यह रबर डैम जापान के कोड-2000 मानकों के अनुसार डिजाइन किया गया है. इसमें दक्षिण कोरिया में निर्मित विशेष रबर ब्लैडर लगाया जा रहा है, जिसकी मोटाई 18 से 32 मिलीमीटर है और इसकी अनुमानित उम्र करीब 30 वर्ष बताई गई है. डैम की कुल ऊंचाई 4.5 मीटर होगी. इसमें 2 मीटर ऊंचा कंक्रीट बेस और उसके ऊपर 2.5 मीटर ऊंचा रबर ब्लैडर लगाया जाएगा. यह संरचना 280 मीटर लंबी होगी और चार हिस्सों में बनाई जा रही है.