Wheat MSP Bonus: मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम दिलाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब प्रदेश में गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा. इस फैसले के बाद किसानों को पहले से ज्यादा पैसा मिलेगा. इसके अलावा उड़द की फसल पर भी बोनस देने की घोषणा की गई है, जिससे मध्य प्रदेश के किसानों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद है.
गेहूं के MSP पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस
मध्य प्रदेश सरकार ने साल 2026-27 के लिए गेहूं की खरीद पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला किया है. इसके बाद किसानों को गेहूं बेचने पर कुल 2,625 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे. यह फैसला किसानों के लिए राहत की खबर है, क्योंकि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है. ऐसे में फसल का ज्यादा दाम मिलने से किसानों की आमदनी में कुछ बढ़ोतरी होगी. सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाना और खेती को ज्यादा लाभदायक बनाना है.
उड़द की फसल पर भी मिलेगा बोनस
सरकार ने दलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए उड़द की खरीद पर भी 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस फैसले से किसानों को उड़द की खेती करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दलहन फसलों का अच्छा दाम मिलेगा तो किसान इनकी खेती ज्यादा करेंगे. इससे दालों का उत्पादन भी बढ़ेगा और किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी.
सशक्त अन्नदाता, समृद्ध मध्यप्रदेश
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किसानों की आय बढ़ाने और उनकी मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए इस वर्ष गेहूं खरीदी पर ₹𝟒𝟎 प्रति क्विंटल बोनस प्रदान किया जाएगा।— डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री@DrMohanYadav51@Aidalsinghkbjp#कृषक_कल्याण_वर्ष_2026 #MadhyaPradesh pic.twitter.com/EKwkwk9V3z
— Agriculture Department, MP (@minmpkrishi) March 7, 2026
किसानों को होगा सीधा फायदा
इस फैसले से किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा. जानकारी के अनुसार एक एकड़ खेत में औसतन 18 क्विंटल गेहूं उत्पादन होता है. ऐसे में 40 रुपये बोनस के हिसाब से किसानों को प्रति एकड़ करीब 720 रुपये का अतिरिक्त फायदा मिल सकता है. भले ही यह राशि ज्यादा बड़ी न लगे, लेकिन ज्यादा जमीन पर खेती करने वाले किसानों के लिए यह अच्छी अतिरिक्त आय बन सकती है.
गेहूं खरीदी के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी
सरकार ने गेहूं खरीदने के लिए किसानों को पहले पंजीयन कराने की सुविधा दी है. कुछ जगहों पर किसानों को पंजीयन में परेशानी हो रही थी, इसलिए इसकी अंतिम तारीख बढ़ाकर 10 मार्च कर दी गई है. किसानों से कहा गया है कि वे समय रहते अपना पंजीयन कर लें.
भविष्य में और बढ़ सकता है गेहूं का दाम
सरकार का कहना है कि किसानों की आय बढ़ाना उसकी प्राथमिकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने लक्ष्य रखा है कि साल 2028 तक गेहूं की खरीद 2,700 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचाई जाएगी. गेहूं पर बोनस बढ़ाने और उड़द पर अतिरिक्त प्रोत्साहन देने का फैसला किसानों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है. इससे किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिलेगा और खेती से होने वाली कमाई भी बढ़ सकती है.