सरकार का बड़ा ऐलान, इस बार 2545 रुपये क्विंटल होगी धान की खरीद..समय पर होगा भुगतान

तमिलनाडु सरकार ने 1 सितंबर से शुरू हो रहे खरीफ सीजन में धान की खरीद दर 'ग्रेड A' के लिए 2,545 रुपये और 'सामान्य' के लिए 2,500 रुपये प्रति क्विंटल तय की है. इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी.

नोएडा | Updated On: 30 Aug, 2025 | 12:23 PM

Paddy Procurement: धान उत्पादक किसानों के लिए खुशखबरी है. तमिलनाडु सरकार ने घोषणा की है कि 1 सितंबर से शरू होने वाले  खरीफ मार्केटिंग सीजन (KMS) में इस बार किसानों को ‘ग्रेड A’ धान के लिए 2,545 रुपये और ‘सामान्य’ धान के लिए 2,500 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान किया जाएगा. सरकार को उम्मीद है कि उसके इस फैसले से धान किसानों को काफी फायदा होगा. उनकी कमाई में बढ़ोतरी होगी, जिससे वे बेहतर जिन्दगी जी पाएंगे और अपने बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ा पाएंगे.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री आर. सक्करापानी ने कहा है कि सत्तारूढ़ डीएमके ने अपना चुनावी वादा पूरा किया है, जिसमें धान की खरीद कीमत 2,500 रुपये तय करने की बात कही गई थी. किसान 2021 से, जब से पार्टी सत्ता में आई, इस वादे को लागू करने की मांग कर रहे थे. आर. सक्करापानी ने कहा कि ‘ग्रेड A’ धान के 2,545 रुपये में केंद्र सरकार द्वारा तय किया गया 2,389 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और राज्य सरकार की ओर से 156 रुपये का प्रोत्साहन शामिल है. वहीं, ‘सामान्य’ धान के 2,500 रुपये में 2,369 रुपये एमएसपी और 131 रुपये राज्य प्रोत्साहन शामिल है.

ये एजेंसियां खरीदेंगी धान

वहीं, इस संबंध में जारी आदेश में सहकारिता, खाद्य और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रमुख सचिव ने कावेरी डेल्टा क्षेत्र के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे तमिलनाडु सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन (TNCSC) को जरूरत के अनुसार डायरेक्ट प्रोक्योरमेंट सेंटर (DPC) खोलने की अनुमति दें, ताकि धान की खरीद शुरू की जा सके. अन्य जिलों में कलेक्टर TNCSC के साथ-साथ सहकारी विपणन समितियों, सहकारी ऋण समितियों और नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया को भी किसानों से धान खरीदने के लिए अधिकृत कर सकते हैं.

44,777.83 करोड़ रुपये का भुगतान किया

मंत्री आर. सक्करापानी ने अपने बयान में कहा कि मौजूदा सरकार के पिछले 51 महीनों के कार्यकाल में राज्य ने अब तक कुल 1.85 करोड़ मीट्रिक टन धान खरीदा है और किसानों को 44,777.83 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के इतिहास में इतनी बड़ी मात्रा में धान की खरीद पहले कभी नहीं हुई. मंत्री ने सभी धान किसानों से अपील की कि वे नई तय दरों पर अपना धान बेचें और इस योजना का लाभ उठाएं. उन्होंने दोहराया कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना उसकी प्राथमिकता है.

15 सितंबर से धान खरीद शुरू करने की मांग

वहीं, हरियाणा के किसान संगठन भी 15 सितंबर से धान खरीद शुरू करने की मांग कर रहे हैं, ताकि अन्नदाता को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके. भारतीय किसान यूनियन (सर छोटू राम) के प्रवक्ता बहादुर मेहला बल्दी ने कहा है कि कई किस्मों की धान जल्दी पक रही है, इसलिए समय पर खरीद बहुत जरूरी है. अगर सरकार समय पर नहीं खरीदेगी, तो किसान मजबूरी में प्राइवेट व्यापारियों को एमएसपी से कम रेट पर फसल बेचने को मजबूर हो जाएंगे.

Published: 30 Aug, 2025 | 12:17 PM