Mushroom Farming: बिहार सरकार ने मशरूम किसानों के लिए एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है. राज्य में नियंत्रित वातावरण (कंट्रोल्ड एनवायरमेंट) में की जाने वाली मशरूम खेती को बढ़ावा देने के लिए बिजली दर को कृषि श्रेणी में शामिल कर दिया गया है. अब किसानों को इस खेती के लिए मात्र 0.55 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी. इस कदम से राज्य में मशरूम उत्पादन को नई गति मिलने की उम्मीद है.
किसानों की लागत में आएगी बड़ी कमी
बिहार सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अनुसार, मशरूम की खेती खासकर नियंत्रित वातावरण में बिजली पर निर्भर होती है. तापमान, नमी और रोशनी को नियंत्रित करने के लिए लगातार बिजली की आवश्यकता होती है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ जाती थी. अब बिजली दर कम होने से किसानों पर आर्थिक बोझ घटेगा. इससे छोटे और मध्यम वर्ग के मशरूम उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आय में सुधार की संभावना बढ़ेगी.
नियंत्रित वातावरण खेती को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार का उद्देश्य आधुनिक खेती तकनीकों को बढ़ावा देना है, जिसमें मशरूम की नियंत्रित वातावरण खेती एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इस तकनीक में किसान पूरे वर्ष मशरूम उत्पादन कर सकते हैं, चाहे मौसम कैसा भी हो. विशेषज्ञों के अनुसार, ये कदम किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर वैकल्पिक और अधिक लाभकारी खेती की ओर प्रेरित करेगा.
मशरूम किसानों के लिए बड़ी सौगात!
बिहार सरकार द्वारा नियंत्रित वातावरण में मशरूम खेती को बढ़ावा देने हेतु अब बिजली दर को कृषि श्रेणी में शामिल कर मात्र ₹0.55 प्रति यूनिट कर दिया है।@samrat4bjp @VijayKrSinhaBih @Agribih #MushroomFarming#BiharAgriculture#EmpoweringFarmers… pic.twitter.com/c1apG9bSya
— IPRD Bihar (@IPRDBihar) June 23, 2026
उत्पादन और रोजगार दोनों में बढ़ोतरी की उम्मीद
मशरूम की मांग बाजार में लगातार बढ़ रही है, खासकर शहरी क्षेत्रों में इसे एक पौष्टिक खाद्य विकल्प के रूप में देखा जाता है. बिजली दर कम होने से उत्पादन बढ़ेगा और राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. ग्रामीण युवाओं और महिला किसानों के लिए यह एक अच्छा आय स्रोत बन सकता है. सरकार को उम्मीद है कि आने वाले समय में बिहार मशरूम उत्पादन में देश के प्रमुख राज्यों में शामिल होगा.
उद्यान निदेशालय से मिलेगा मार्गदर्शन
सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाने के लिए उद्यान निदेशालय, पटना से संपर्क करें. वहां किसानों को तकनीकी जानकारी, प्रशिक्षण और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी. सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अनुसार, यह निर्णय किसानों की आय बढ़ाने और राज्य में आधुनिक कृषि प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस योजना से बिहार के मशरूम किसानों को स्थायी और लाभकारी खेती की ओर बढ़ने में मदद मिलेगी.