Odisha News: ओडिशा में बाढ़ ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कई इलाकों में खेतों में खड़ी धान की फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई है. केंद्रापड़ा और जाजपुर जिले के कई ब्लॉक बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. प्रभावित गांवों से लगातार फसल नुकसान की शिकायतें सामने आ रही हैं. कहा जा रहा है कि हजारों किसान फसल खराब होने से परेशान हैं. उन्हें अब रोजगार और परिवार का खर्च चलाने के साथ बैंक कर्ज चुकाने की चिंता भी सता रही है. वहीं, केंद्रापड़ा के कलेक्टर रघुराम आर. अय्यर ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्य जिला कृषि अधिकारी की टीम प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर फसल नुकसान का सर्वे करेगी. रिपोर्ट मिलने के बाद प्रभावित किसानों को मुआवजा और दूसरी जरूरी सहायता दी जाएगी.
बाढ़ से केंद्रापड़ा जिले के राजकनिका, औल, पट्टामुंडई और राजनगर ब्लॉक, जबकि जाजपुर जिले के दशरथपुर, बारी, बिंझारपुर, बराचना और रसूलपुर ब्लॉक सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. दशरथपुर ब्लॉक के दत्तापुर गांव के किसान देवदास जेना ने द टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि धान के पौधे पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं. उन्होंने कहा कि फसल नष्ट होने के बाद बैंक का कर्ज चुकाना मुश्किल हो सकता है.
दलहन और सब्जियों को भी भारी नुकसान
केंद्रापड़ा और जाजपुर जिलों में बाढ़ से धान के अलावा मूंग, उड़द और सब्जियों की फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है. दोनों जिलों में बड़े क्षेत्र में फसलें पानी में डूब गईं, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. किसानों का कहना है कि बाढ़, कम बारिश और बेमौसम बारिश के कारण उन्हें लगभग हर साल फसल का नुकसान उठाना पड़ता है. उनका आरोप है कि प्रशासन की ओर से समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया है. दशरथपुर ब्लॉक के मलिकापुर गांव के किसान भागवत राउत ने कहा कि उन्होंने पिछले महीने तीन एकड़ जमीन में धान की पौध लगाई थी, लेकिन बाढ़ के पानी ने पूरी फसल बर्बाद कर दी. इलाके के कई अन्य किसानों को भी इसी तरह का नुकसान हुआ है.
तीन हफ्ते से खेती की जमीन पानी में डूबी हुई है
ओडिशा में बाढ़ के तीन हफ्ते बाद भी बड़ी मात्रा में खेती की जमीन पानी में डूबी हुई है. कई खेतों में घुटनों तक पानी भरा है. किसानों का कहना है कि ज्यादातर लोगों ने अपनी फसलों का बीमा नहीं कराया था. ऐसे में उन्हें फसल नुकसान के बदले पर्याप्त मुआवजा मिलने की चिंता सता रही है. औल ब्लॉक के गोबिंदापुर गांव के किसान अर्जुन दास ने कहा कि उन्होंने दो महीने पहले चार एकड़ में धान की फसल लगाई थी. उन्हें नवंबर में फसल काटने की उम्मीद थी, लेकिन बाढ़ के पानी ने धान के पौधों को पूरी तरह नुकसान पहुंचा दिया.
सब्जियों की फसल भी बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई
बाढ़ से सब्जियों की फसल भी बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई है. मूली, भिंडी, बीन्स, बैंगन, परवल, करेला और दूसरी मौसमी सब्जियों के खेतों में पानी भर गया है. इससे सब्जियों की सप्लाई घटने और कीमतें बढ़ने लगी हैं. कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और केंद्रापड़ा की पूर्व विधायक सिप्रा मलिक ने कहा कि फसल बर्बाद होने से किसानों की आर्थिक स्थिति पर बड़ा असर पड़ेगा. बाढ़ ने अनाज के साथ सब्जियों की फसल को भी नुकसान पहुंचाया है, जिससे रोजमर्रा की जरूरी चीजें महंगी हो सकती हैं.