किसान खेती के साथ शुरू करें मुर्गी पालन..सरकार देगी 400 चूजे, KCC से मिलेगा लोन

खेती के साथ अतिरिक्त कमाई करना चाहते हैं तो मुर्गी पालन आपके लिए अच्छा विकल्प बन सकता है. राजस्थान सरकार के कुक्कुट विकास कार्यक्रम में पात्र लाभार्थियों को 400 एलआईटी चूजे देने का प्रावधान है. साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड से कार्यशील पूंजी के लिए ऋण सुविधा मिल सकती है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 27 Aug, 2026 | 01:40 PM

Poultry Farming: खेती से होने वाली आमदनी के साथ अगर किसान अतिरिक्त कमाई का जरिया तलाश रहे हैं, तो मुर्गी पालन उनके लिए एक उपयोगी विकल्प बन सकता है. कम जगह में शुरू होने वाले इस व्यवसाय को छोटे स्तर से शुरू कर धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है. राजस्थान सरकार भी ग्रामीण क्षेत्रों में पोल्ट्री को बढ़ावा देने के लिए कुक्कुट विकास कार्यक्रम चला रही है. इसके तहत पात्र लाभार्थियों को एलआईटी पक्षियों के चूजे उपलब्ध कराने का प्रावधान है. साथ ही मुर्गी पालन की कार्यशील पूंजी के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए अल्पकालीन ऋण की सुविधा भी मिल सकती है.

400 चूजों से शुरू कर सकते हैं मुर्गी पालन

राजस्थान के कुक्कुट विकास कार्यक्रम के तहत पात्र लाभार्थियों को एक बैच में 200 पक्षियों की दर से दो बैच में कुल 400 एलआईटी पक्षियों के चूजे दिए जाने का प्रावधान है. चूजों में नर और मादा का अनुपात 50:50 रखा जाता है. दूसरे बैच का वितरण पहले बैच के 18 महीने बाद किया जाता है. इस तरह योजना ग्रामीण परिवारों  को शुरुआती स्तर पर पोल्ट्री व्यवसाय शुरू करने में मदद कर सकती है.

खेती के साथ बढ़ेगी कमाई, लेकिन बाजार जरूरी

मुर्गी पालन को किसान खेती  के साथ अतिरिक्त आय के साधन के तौर पर अपना सकते हैं. इसके लिए शुरुआत में यह तय करना जरूरी है कि अंडा उत्पादन करना है या मांस उत्पादन. बाजार में किस उत्पाद की मांग अधिक है, इसकी जानकारी लेने के बाद ही नस्ल और उत्पादन मॉडल का चुनाव करना बेहतर रहेगा. मुर्गियों से मिलने वाली आय नस्ल, दाना, उत्पादन, स्वास्थ्य प्रबंधन और बाजार भाव जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है.

शेड से दाने तक इन बातों का रखें ध्यान

पोल्ट्री व्यवसाय में मुनाफे के लिए मुर्गियों की अच्छी देखभाल  बेहद जरूरी है. उनके लिए साफ-सुथरा, हवादार और सुरक्षित शेड होना चाहिए. पर्याप्त साफ पानी और संतुलित दाना उपलब्ध कराना जरूरी है. इसके साथ समय पर टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच भी करानी चाहिए. बीमारी फैलने की स्थिति में बड़ी संख्या में पक्षियों को नुकसान हो सकता है, इसलिए पशु चिकित्सा विभाग की सलाह लेना किसानों के लिए फायदेमंद रहेगा.

किसान क्रेडिट कार्ड से मिल सकती है कार्यशील पूंजी

सरकारी सहायता सिर्फ चूजों तक सीमित नहीं है. राजस्थान के राज किसान साथी पोर्टल पर मुर्गीपालन कौशल विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण एवं विस्तार और अन्य संबंधित सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध है. इसके अलावा पात्र पशुपालक और पोल्ट्री किसान किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कार्यशील पूंजी के लिए अल्पकालीन ऋण सुविधा का लाभ ले सकते हैं. इसमें मुर्गी पालन की आवर्ती लागत जैसी जरूरतें शामिल हो सकती हैं. योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों में पोल्ट्री को बढ़ावा देना और छोटे व सीमांत किसानों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत तैयार करना है. इच्छुक किसान आवेदन करने से पहले अपने जिले में योजना की मौजूदा पात्रता, लाभ और नियमों की जानकारी राज किसान साथी पोर्टल या संबंधित पशुपालन विभाग से जरूर कर लें.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

लेटेस्ट न्यूज़