पंजाब और हरियाणा के धान किसानों के लिए अच्छी खबर है. पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के लिए पहली बार इन राज्यों के 2,500 से ज्यादा छोटे किसानों को कार्बन क्रेडिट के बदले आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा. इन किसानों ने 2019 से 2022 के बीच ऐसी खेती तकनीक अपनाई, जिससे प्रदूषण कम करने और मिट्टी में कार्बन जमा करने में मदद मिली है. इनमें धान की सीधी बुवाई (Direct Seeding) और कम जुताई के साथ फसल अवशेष प्रबंधन जैसी तकनीक शामिल हैं.
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 के बाद कार्बन क्रेडिट कार्यक्रम से जुड़े किसानों का फिलहाल ऑडिट चल रहा है. इन किसानों को भी कार्बन क्रेडिट जारी होने और उनकी बिक्री के बाद भुगतान किया जाएगा. यह काम Grow Indigo की ओर से किया जा रहा है. कंपनी भारतीय बीज कंपनी महाइको और अमेरिका की इंडिगो का संयुक्त उपक्रम है. कंपनी के मुताबिक, ज्यादातर किसानों को कार्बन क्रेडिट के बदले 3,000 से 15,000 रुपये तक मिलेंगे. किसानों को यह भुगतान डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है. इससे पैसे के लेनदेन की पूरी जानकारी आसानी से ट्रैक की जा सकेगी.
बिक्री होने से पहले ही किसानों को भुगतान
कंपनी ने कहा कि कार्बन क्रेडिट की पूरी बिक्री होने से पहले ही किसानों को भुगतान किया जा रहा है. इसके लिए कंपनी अपने फंड का इस्तेमाल कर रही है. किसानों को कार्बन क्रेडिट की पहली किस्त सोमवार को लुधियाना स्थित पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डिजिटल माध्यम से दी जाएगी.
14 लाख लीटर पानी की बचत होती है
कंपनी के मुताबिक, धान की रोपाई की जगह सीधी बुवाई (Direct Seeding) करने से प्रति हेक्टेयर करीब 14 लाख लीटर पानी की बचत होती है. वहीं, फसल अवशेष जलाने में कमी आने से PM2.5 जैसे प्रमुख वायु प्रदूषक का स्तर भी कम करने में मदद मिलती है. कार्बन क्रेडिट की पहली खेप पंजाब और हरियाणा में करीब 30,000 एकड़ क्षेत्र को कवर करती है. इससे 50,000 से ज्यादा कार्बन क्रेडिट तैयार हुए हैं.
पहली बार मिट्टी में जमा कार्बन के लिए किसानों को मिलेगा पैसा
Grow Indigo की कार्यकारी निदेशक उषा बरवाले जहर ने कहा कि भारत में पहली बार किसानों को उनकी मिट्टी में जमा कार्बन के लिए भुगतान किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इससे छोटे किसानों की आय और आजीविका पर सकारात्मक असर पड़ेगा. कंपनी जलवायु परिवर्तन से जुड़ी किसानों की समस्याओं को कम करने वाली योजनाओं पर आगे भी काम करेगी. कंपनी के COO उमंग अग्रवाल के मुताबिक, Grow Indigo पंजाब और हरियाणा में करीब 1 लाख किसानों के साथ काम कर रही है. ये किसान करीब 10 लाख एकड़ जमीन पर टिकाऊ खेती की तकनीक अपना रहे हैं.
हर साल 10 लाख कार्बन क्रेडिट तैयार करने का है लक्ष्य
उन्होंने कहा कि आगे किसानों को पानी की ज्यादा खपत वाली धान की खेती की जगह मक्का उगाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा. इससे पानी की बचत के साथ किसानों को टिकाऊ खेती की ओर बढ़ाने में मदद मिलेगी. Grow Indigo की कार्यकारी निदेशक उषा बरवाले ज़हर ने पहले कहा था कि कंपनी का लक्ष्य 2027 तक हर साल 10 लाख कार्बन क्रेडिट तैयार करना है.