महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को राज्य की कर्जमाफी योजना की दूसरी किस्त जारी की. इसके साथ अब तक 12.5 लाख किसानों के बैंक खातों में कुल 10,115 करोड़ रुपये पहुंच चुके हैं. दूसरी किस्त के तहत 6.3 लाख किसानों को 7,086 करोड़ रुपये दिए गए हैं. राज्य सरकार की इस कर्जमाफी योजना से कुल 54.5 लाख किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है. इसके तहत किसानों का कुल 36,585 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया जाएगा.
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि कर्जमाफी की पूरी राशि किसानों को देने के बाद सरकार प्रोत्साहन राशि का भुगतान शुरू करेगी. महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने 2 जून को पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर कर्जमाफी योजना का ऐलान किया था. यह योजना 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे का हिस्सा थी. इस योजना के तहत 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच लिए गए 2 लाख रुपये तक के फसल कर्ज को माफ किया जाएगा.
दूसरे चरण में किसानों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
योजना में तीन तरह के लाभ शामिल हैं. इनमें कर्जमाफी, एकमुश्त समझौता (वन-टाइम सेटलमेंट) और समय पर कर्ज चुकाने वाले किसानों के लिए प्रोत्साहन राशि शामिल है. सरकार पहले चरण में किसानों का कर्ज माफ करेगी. इसके बाद दूसरे चरण में उन किसानों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जो नियमित रूप से अपना कर्ज चुकाते रहे हैं.
आधार और किसान ID से मिलेगा लाभ
इससे पहले बीते 8 अगस्त को महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर कर्जमाफी योजना के तहत पहली किस्त जारी की थी. तब राज्य सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए 6.2 लाख किसानों के बैंक खातों में 5,027 करोड़ रुपये भेजे थे. तब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि करीब 18-19 लाख बैंक खातों की पहचान की गई थी. इनमें से लगभग 12 लाख खातों को कुछ गलतियों के कारण दोबारा जांच के लिए बैंकों को भेजा गया. इन गलतियों के ठीक होने के बाद इन खातों में भी पैसा भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ी.फडणवीस ने कहा था कि लाभार्थियों के नाम तय होने के बाद सूची ग्राम पंचायत कार्यालय में लगाई जाएगी. किसानों को सिर्फ अपना आधार नंबर और किसान आईडी देनी होगी. इसके लिए उन्हें कोई फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी.
कर्जमाफी में तकनीकी अड़चन
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि किसानों को कर्जमाफी की रकम भेजने में होने वाली तकनीकी दिक्कतों की कई वजह हैं. इनमें एक ही किसान के नाम पर कई बैंक खाते होना या किसान के नाम और बैंक खाता नंबर में गलती शामिल है. उन्होंने कहा था कि कुछ मामलों में किसान की मौत हो चुकी है, लेकिन जमीन अभी भी उसके नाम पर दर्ज है और कानूनी तौर पर उसके वारिसों के नाम जमीन का बंटवारा नहीं हुआ है. ऐसे मामलों में भी भुगतान की प्रक्रिया में समय लग रहा है. महाराष्ट्र सरकार ने पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर कर्जमाफी योजना का ऐलान 2 जून को किया था. यह 2024 के विधानसभा चुनाव में महायुति सरकार के चुनावी वादे का हिस्सा था.