गन्ना किसानों को समय पर बकाया भुगतान नहीं होने से बढ़ी नाराजगी, अनिश्चितकालीन धरने की चेतवानी दी

मैसूर में गन्ना किसानों ने बकाया भुगतान, समान कीमत नीति और 100 रुपये प्रति टन अतिरिक्त राशि की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. किसानों ने बन्नारी शुगर फैक्ट्री पर भुगतान रोकने का आरोप लगाया. मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी गई है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 20 Apr, 2026 | 11:34 PM

Sugarcane Farmers: कर्नाटक के मैसूर में गन्ना किसानों को समय पर भगतान नहीं हो रहा है. इससे उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है. नाराज किसानों ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया है. प्रदर्शन कर रहे किसानों से सरकार से तुरंत बकाया भुगतान करने की मांग की है. साथ ही उन्होंने चेतवानी दी है कि अगर बकाया भुगतान नहीं हुआ तोवे अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे.

गन्ने पर प्रति टन 100 रुपये अतिरिक्त हो भुगतान

गन्ना उत्पादक संघ के अध्यक्ष हल्लिकेरेहुंडी भाग्यराज के नेतृत्व में किसानों ने जिला प्रशासन से कहा कि बन्नारी शुगर फैक्ट्री को जल्द से जल्द उनका बकाया चुकाने  का आदेश दिया जाए. किसानों का कहना है कि 2025 के नियम के मुताबिक, उन्हें गन्ने पर प्रति टन 100 रुपये अतिरिक्त मिलना चाहिए, जिसमें 50 रुपये चीनी मिलों और 50 रुपये कर्नाटक सरकार की ओर से दिए जाने हैं. यह पैसा उप-उत्पादों से होने वाले मुनाफे का हिस्सा है, जिसे तुरंत उनके बैंक खातों में जमा करने की मांग की गई है.

विशेषज्ञों की समितियां बनाने की उठी मांग

द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन कर रहे किसानों का आरोप है कि गन्ने की एक समान कीमत तय करने की नीति नहीं होने की वजह से कर्नाटक के उत्तर और दक्षिण हिस्सों में करीब 800 रुपये प्रति टन का अंतर आ गया है. उन्होंने चुने हुए जनप्रतिनिधियों पर भी फैक्ट्री मालिकों से मिलीभगत का आरोप लगाया और गन्ना खरीद बोर्ड  में बड़े बदलाव की मांग की. किसानों ने यह भी कहा कि चीनी मिलों में ही लैब बनाई जाए, ताकि गन्ने की गुणवत्ता और रिकवरी की सही जांच हो सके और पारदर्शिता बनी रहे. इसके साथ ही, उन्होंने गन्ना कटाई में देरी रोकने के लिए समझौतों को सही तरीके से लागू करने और उत्पादन के आकलन में गड़बड़ियों को दूर करने के लिए विशेषज्ञ समितियां बनाने की मांग की है.

जल्द शुरू हो एथेनॉल उत्पादन इकाई

किसानों ने कर्नाटक सरकार से यह भी मांग की है कि ग्रामीण इलाकों में डेयरी सहकारी समितियों की तरह एथेनॉल उत्पादन इकाइयां शुरू की जाएं, ताकि किसानों की आय बढ़े और आयात पर निर्भरता कम हो सके. इसके अलावा, उन्होंने हाल ही में हुई बेमौसम ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा देने, जिले के सिंचाई तालाबों को भरने के लिए ठोस कदम उठाने और कृषि पंप सेट के लिए अकर्मा-सक्रमा योजना को फिर से शुरू करने की मांग की है.

बिना ब्याज का मिले 10 लाख तक लोन

किसानों ने यह भी कहा कि उन्हें 10 लाख रुपये तक का बिना ब्याज वाला फसल ऋण दिया जाए, यानी प्रति एकड़ 1 लाख रुपये तक का कर्ज जिला सहकारी बैंकों के जरिए उपलब्ध कराया जाए. गन्ना उत्पादक संघ के अध्यक्ष हल्लिकेरेहुंडी भाग्यराज ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार तय समय में उनकी मांगें नहीं मानती, तो किसान जिला मंत्री महादेवप्पा के आवास के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे.

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Published: 20 Apr, 2026 | 10:21 PM
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