गर्मी में सिंचाई की ये गलती पड़ेगी भारी, सूख सकती है लौकी-तरबूज की पूरी फसल

भीषण गर्मी में गलत समय पर सिंचाई करने से कद्दू वर्गीय फसलों में बीमारी और कीट तेजी से बढ़ सकते हैं. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, दोपहर में पानी देने से पौधों की जड़ों पर दबाव बढ़ता है, जिससे फसल सूखने लगती है. सही समय पर सिंचाई करने से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बेहतर हो सकते हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 27 May, 2026 | 11:00 PM

Summer Irrigation Tips: भीषण गर्मी के मौसम में किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए बारबार सिंचाई कर रहे हैं, लेकिन गलत समय पर पानी देना पूरी फसल को नुकसान पहुंचा सकता है. खासकर कद्दू वर्गीय फसलें जैसे लौकी, कद्दू, करेला, खीरा, तरबूज और खरबूजा गर्मी में ज्यादा संवेदनशील होती हैं. कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार के अनुसार दोपहर में सिंचाई करने से पौधों की जड़ों पर अचानक दबाव बढ़ता है, जिससे फसल में बीमारी, कीट और उत्पादन में गिरावट जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं.

गलत समय पर सिंचाई से बढ़ती हैं बीमारियां

कृषि विशेषज्ञ के अनुसार सुबह की नमी और दोपहर की तेज उमस फसलों के लिए बेहद  खतरनाक साबित हो सकती है. इस स्थिति में पाउडरी मिल्ड्यू जैसी बीमारी तेजी से फैलती है. इस बीमारी में पत्तियों पर सफेद पाउडर जैसा जमाव दिखाई देने लगता है, जिससे पौधों की प्रकाश संश्लेषण प्रक्रिया प्रभावित होती है. अगर समय रहते नियंत्रण न किया जाए, तो कुछ ही दिनों में पूरी फसल सूख सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि किसान अक्सर ज्यादा गर्मी देखकर दिन में पानी दे देते हैं, लेकिन यही सबसे बड़ी गलती साबित होती है.

जड़ों पर बढ़ता है फिजियोलॉजिकल स्ट्रेस

दोपहर की तेज गर्मी और गीली मिट्टी का असंतुलन पौधों की जड़ों  पर अचानक दबाव पैदा करता है. इसे फिजियोलॉजिकल स्ट्रेस कहा जाता है. जब गर्म मिट्टी पर पानी डाला जाता है, तो तापमान में अचानक बदलाव आता है. इससे जड़ों को झटका लगता है और पौधे पोषक तत्व सही तरीके से नहीं ले पाते. इसका असर फलों पर भी दिखता है. छोटे फल पीले होकर गिरने लगते हैं और कई बार फलों का आकार टेढ़ामेढ़ा हो जाता है. किसान इसे अक्सर खाद की कमी समझ लेते हैं, जबकि असली कारण गलत समय पर सिंचाई होता है.

उमस से बढ़ता है कीटों का हमला

विशेषज्ञों के मुताबिक ज्यादा नमी और उमस सफेद मक्खी और एफिड्स जैसे रस चूसने वाले कीटों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती है. ये कीट पौधों का रस चूसने के साथ कई वायरल बीमारियां भी फैलाते हैं. लगातार नमी रहने से कीटनाशकों का असर भी कम हो जाता है, जिससे फसल को और ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए गर्मी के मौसम में सिंचाई के साथ खेत में नमी संतुलित रखना बेहद जरूरी माना जाता है.

क्या है सिंचाई का सही तरीका?

कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार के अनुसार कद्दू वर्गीय फसलों में सिंचाई का सबसे अच्छा समय शाम या सूर्यास्त के बाद का होता है. इससे मिट्टी रातभर ठंडी रहती है और पौधों को धीरेधीरे नमी मिलती रहती है. अगर किसान ड्रिप सिंचाई का उपयोग  कर रहे हैं, तो सुबह सूर्योदय से पहले और शाम को हल्की सिंचाई करनी चाहिए. वहीं खुली नालियों से सिंचाई करने वाले किसानों को 2 से 3 दिन के अंतराल पर शाम के समय पानी देना चाहिए. विशेषज्ञों का कहना है कि सही समय पर सिंचाई करने से फसल की गुणवत्ता, उत्पादन और किसानों की कमाई तीनों में सुधार होता है.

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Published: 27 May, 2026 | 11:00 PM

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