How To Make Vermi Compost: आज के समय में किसान तेजी से जैविक खेती की तरफ रुख कर रहे हैं. रासायनिक खादों और कीटनाशकों के लगातार इस्तेमाल से मिट्टी की ताकत कम हो रही है. इससे फसल की क्वालिटी पर भी असर होता है जिससे उत्पादन लागत बढ़ जाती है. ऐसे में प्राकृतिक और सस्ते विकल्पों की जरूरत महसूस की जा रही है. वर्मी कंपोस्ट इसी दिशा में एक कारगर समाधान है. यह न सिर्फ मिट्टी की सेहत सुधारता है, बल्कि फसल की पैदावार और गुणवत्ता दोनों को बेहतर बनाता है.
वर्मी कंपोस्ट क्या है?
वर्मी कंपोस्ट एक जैविक खाद है, जिसे केंचुओं की मदद से तैयार किया जाता है. केंचुए गोबर, सूखी पत्तियां, सब्जियों के छिलके और अन्य जैविक कचरे को खाकर उसे पोषक तत्वों से भरपूर खाद में बदल देते हैं. यह खाद काली, भुरभुरी और मिट्टी जैसी होती है.
इसमें नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश और कई सूक्ष्म पोषक तत्व प्राकृतिक रूप से मौजूद रहते हैं. इसके इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, जल धारण क्षमता सुधरती है और फसलों में रोगों का खतरा कम होता है.
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वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए सही जगह का चयन
खाद बनाने के लिए छायादार और समतल जगह चुननी चाहिए, जहां सीधी धूप न पड़े. जगह हवादार हो और तापमान लगभग 20 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहे. घर की छत, बालकनी या खेत के पास किसी शेड में भी इसे तैयार किया जा सकता है. बहुत अधिक गर्मी या ठंड केंचुओं के लिए नुकसानदायक होती है.
बेड या गड्ढा कैसे तैयार करें
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए लगभग 10 फीट लंबा, 3 से 4 फीट चौड़ा और 1.5 से 2 फीट गहरा बेड बनाया जा सकता है. इसे ईंट, सीमेंट या प्लास्टिक शीट की मदद से तैयार किया जा सकता है. बाजार में वर्मी कंपोस्ट बैग भी उपलब्ध हैं.
सबसे नीचे 2 से 3 इंच बालू या रेत की परत बिछाएं, ताकि अतिरिक्त पानी निकल सके. इसके ऊपर सूखी पत्तियां, भूसा या फसल अवशेष डालें. यह केंचुओं के लिए आरामदायक आधार बनाता है.
केंचुओं का चयन और कच्चा माल
वर्मी कंपोस्ट के लिए अच्छी नस्ल के केंचुए जरूरी हैं. आमतौर पर रेड विगलर (Eisenia fetida) प्रजाति को सबसे बेहतर माना जाता है. एक वर्ग मीटर बेड के लिए करीब 1 से 1.5 किलो केंचुए पर्याप्त होते हैं. कच्चे माल के रूप में ताजा गोबर को 15 से 20 दिन पहले थोड़ा सड़ाना चाहिए. इसके बाद इसे बेड में परत के रूप में डालें. ऊपर से सब्जियों के छिलके, घास और पत्तियां मिलाई जा सकती हैं. मांस, तेल या प्लास्टिक जैसी चीजें बिल्कुल न डालें.
नमी और देखभाल
वर्मी कंपोस्ट बनाते समय नमी का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. बेड को हमेशा हल्का नम रखें और जरूरत पड़ने पर पानी का छिड़काव करें. अधिक पानी से केंचुओं को नुकसान हो सकता है. हर 7 से 10 दिन में ऊपरी परत को हल्के हाथों से पलटें. अगर कीट लगें तो नीम के पानी का छिड़काव किया जा सकता है.
खाद तैयार होने की पहचान
लगभग 45 से 60 दिनों में खाद तैयार हो जाती है. तैयार खाद काली, मुलायम और बिना बदबू के होती है. इसे छलनी से छानकर अलग कर लें और केंचुओं को फिर से बेड में डाल दें. इस खाद को 2 से 5 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से खेत में डाला जा सकता है. वर्मी कंपोस्ट का नियमित उपयोग मिट्टी को स्वस्थ बनाता है और किसानों की आय बढ़ाने में मदद करता है.