तोतापुरी आम संकट पर केंद्र का एक्शन, किसानों को राहत दिलाने के लिए एक्सपर्ट टीम गठित… दस दिन में देगी रिपोर्ट

आंध्र प्रदेश में तोतापुरी आम की गिरती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर ICAR की विशेषज्ञ समिति गठित की गई है, जो 10 दिनों में जमीनी अध्ययन कर किसानों को बेहतर दाम, वैल्यू एडिशन और निर्यात बढ़ाने के लिए सुझाव देगी.

Kisan India
नोएडा | Published: 3 Jul, 2026 | 11:45 PM

आंध्र प्रदेश में तोतापुरी आम की लगातार गिरती कीमतों से परेशान किसानों को राहत दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं. यह समिति अगले 10 दिनों के भीतर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर कीमतों में गिरावट की वजहों का अध्ययन करेगी और किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए ठोस सुझाव देगी. सरकार का मानना है कि केवल मौजूदा संकट से निपटना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि तोतापुरी आम की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत बनाकर किसानों की आय बढ़ाने के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करना भी जरूरी है.

हाल ही में आंध्र प्रदेश के दौरे के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने तोतापुरी आम उत्पादक किसानों से मुलाकात की थी. किसानों ने बताया कि प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) के लिए बड़े पैमाने पर उगाई जाने वाली तोतापुरी किस्म की कीमतों में भारी गिरावट आई है, जिससे उनकी आय पर गंभीर असर पड़ा है. किसानों का कहना था कि उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद उन्हें अपनी उपज का उचित दाम नहीं मिल रहा है. किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय मंत्री ने तुरंत ICAR को पूरी वैल्यू चेन का अध्ययन कराने के निर्देश दिए.

खेती से एक्सपोर्ट तक होगा व्यापक अध्ययन

ICAR-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (CISH), लखनऊ की ओर से जारी आदेश के मुताबिक विशेषज्ञ समिति खेती, उत्पादन लागत, प्रसंस्करण उद्योग, घरेलू और निर्यात बाजार, मांग-आपूर्ति की स्थिति तथा मूल्य गिरावट के कारणों का वैज्ञानिक और आर्थिक विश्लेषण करेगी. समिति किसानों, प्रोसेसिंग उद्योगों, निर्यातकों, राज्य सरकार के अधिकारियों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और अन्य संबंधित पक्षों से भी विस्तृत चर्चा करेगी. इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि वैल्यू चेन के किस स्तर पर सबसे ज्यादा बाधाएं हैं और किन क्षेत्रों में नीतिगत हस्तक्षेप की जरूरत है, ताकि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके.

समिति की अध्यक्षता ICAR-CISH के निदेशक डॉ. टी. दमोदरन करेंगे. इसके अलावा ICAR-IIHR बेंगलुरु के डॉ. एम. शंकरन, ICAR-CISH के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एच.एस. सिंह, वाईएसआर हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी के डॉ. डी. श्रीनिवास रेड्डी तथा आंध्र प्रदेश के उद्यानिकी निदेशक या उनके प्रतिनिधि इसमें सदस्य होंगे. विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों को शामिल करने का उद्देश्य वैज्ञानिक, तकनीकी और बाजार आधारित सभी पहलुओं का समग्र मूल्यांकन करना है.

10 दिन में दौरा, फिर सरकार को सौंपेंगे रिपोर्ट

विशेषज्ञ समिति अगले 10 दिनों के भीतर आंध्र प्रदेश के प्रमुख तोतापुरी आम उत्पादक क्षेत्रों का दौरा करेगी और जमीनी स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन करेगी. क्षेत्रीय अध्ययन पूरा होने के बाद समिति केंद्रीय कृषि मंत्री को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी. रिपोर्ट में मूल्य स्थिरीकरण, वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने, निर्यात को मजबूत करने, एफपीओ और उद्योगों के बेहतर समन्वय तथा तोतापुरी आम क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास के लिए क्रियान्वयन योग्य सुझाव शामिल होंगे. इन सिफारिशों के आधार पर केंद्र और राज्य सरकारें संयुक्त रूप से व्यापक कार्ययोजना तैयार कर सकती हैं.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि तोतापुरी आम उत्पादक किसानों की आय और आजीविका की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर ऐसे कदम उठाए जाएंगे, जिनसे किसानों को स्थायी राहत मिले, उनकी आय में वृद्धि हो, प्रसंस्करण और निर्यात क्षेत्र को मजबूती मिले तथा इस पूरे सेक्टर में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हों.

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Published: 3 Jul, 2026 | 11:45 PM

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