पशु के बार-बार रिपीट होने से हैं परेशान? अपनाएं ये अचूक उपाय, ठहर जाएगा गर्भ!

पशुओं का बार-बार गर्म होना और गर्भ न ठहरना पशुपालकों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बनता है. ये उपाय इस रिपीट ब्रीडिंग की समस्या को खत्म कर सकता है. समय रहते पशु चिकित्सक की सलाह और बेहतर प्रबंधन से पशु को दोबारा गर्भाधान किया जा सकता है.

नोएडा | Updated On: 12 Jan, 2026 | 04:22 PM

Cow Infertility Solutions : एक पशुपालक के लिए उसकी गाय या भैंस सिर्फ एक जानवर नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य और बैंक बैलेंस की तरह होती है. घर में खुशहाली तभी आती है जब पशु समय पर ब्याए और दूध की धारा बहती रहे. लेकिन, क्या आपके साथ भी ऐसा हो रहा है कि आपकी गाय या भैंस बार-बार हीट तो हो रही है, लेकिन डॉक्टर से दिखाने या सांड से मिलवाने के बाद भी गाभिन नहीं ठहर रही? पशुपालन की भाषा में इसे रिपीट ब्रीडर की समस्या कहते हैं. यह न केवल पशु को कमजोर करती है, बल्कि किसान की कमर भी तोड़ देती है, क्योंकि दूध कम हो जाता है और दाने-चारे का खर्च बढ़ता रहता है. आइए जानते हैं, क्यों होता है ऐसा और कैसे आप इस चक्र को तोड़ सकते हैं.

क्या है रिपीट ब्रीडिंग और इसे पहचानें कैसे?

आम तौर पर एक स्वस्थ पशु  को ब्याने के 50 से 70 दिनों के भीतर दोबारा मदचक्र (Heat) में आ जाना चाहिए. अगर आपका पशु हर 20-22 दिन में गर्मी के लक्षण दिखा रहा है, आप उसे गाभिन कराने की कोशिश भी कर रहे हैं, पर नतीजा सिफर (Zero) निकल रहा है, तो समझ लीजिए कि वह रिपीट ब्रीडर बन चुका है. अच्छी बात यह है कि ऐसा पशु देखने में बिल्कुल स्वस्थ लगता है और खाना-पीना भी ठीक रखता है, बस उसकी बच्चेदानी या हार्मोन में कुछ ऐसी कमियां आ जाती हैं जो गर्भ ठहरने नहीं देतीं.

ब्यांत के समय की लापरवाही पड़ सकती है भारी

पशु के गर्भ न ठहरने का एक बड़ा कारण ब्याने के समय होने वाली गंदगी है. अक्सर किसान अनजाने में किसी ग्वाले या मजदूर से जबरदस्ती बच्चा खिंचवाते हैं. इससे पशु के जननांगों में जख्म हो जाते हैं और कीटाणु प्रवेश कर जाते हैं. अगर ब्याने के बाद जेर (Placenta) सही समय पर (10-12 घंटे में) नहीं गिरी और उसे हाथ से निकलवाया गया, तो बच्चेदानी में इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है. यही इन्फेक्शन  आगे चलकर गर्भ ठहरने में सबसे बड़ी बाधा बनता है.

खान-पान में कमी- सिर्फ पेट भरना काफी नहीं

हम अक्सर पशु को सिर्फ भूसा और हरा चारा देकर सोचते हैं कि उसका पेट भर गया. लेकिन गर्भ ठहरने के लिए पशु के शरीर  को विटामिन और खनिज लवणों (Minerals) की जरूरत होती है. अगर आहार में प्रोटीन या मिनरल्स की कमी है, तो अंडाशय (Ovary) सही से काम नहीं करता है. इसका सबसे सरल उपाय यह है कि अपने पशु को रोजाना 50 ग्राम मिनरल मिक्सचर दाने में मिलाकर जरूर दें. यह छोटा सा निवेश आपके पशु को गाभिन करने में जादू की तरह काम करता है.

सही समय पर गर्भाधान है सफलता का मंत्र

पशु को गर्भाधान  कराने का भी एक गोल्डन टाइम होता है. अगर आप समय चूक गए, तो गर्भ नहीं ठहरेगा. याद रखेंयदि आपकी गाय या भैंस सुबह गर्मी (Heat) के लक्षण दिखाती है, तो उसे उसी दिन शाम को गर्भाधान करवाएं. और अगर वह शाम को गर्मी में आती है, तो अगले दिन सुबह का समय सबसे सटीक होता है. समय का यह तालमेल गर्भ ठहरने की संभावना को 90 फीसदी तक बढ़ा देता है.

सफाई और डॉक्टर की सलाह- जीत का नुस्खा

पशु को जहां बांधा जाता है, वहां की सफाई सबसे जरूरी है. उबड़खाबड़ और गंदगी वाली जगह संक्रमण  को दावत देती है. अगर आपका पशु दो-तीन बार के प्रयास के बाद भी गर्भ धारण नहीं कर रहा, तो खुद डॉक्टर बनने के बजाय किसी अनुभवी पशु चिकित्सक से बच्चेदानी की जांच कराएं. कभी-कभी सिर्फ एक छोटे से कोर्स या हार्मोन के इंजेक्शन से सालों पुरानी समस्या दूर हो जाती है.

Published: 12 Jan, 2026 | 07:30 PM

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