अरुणाचल को मिला पहला वेटरिनरी पॉलीक्लिनिक! अब पशुओं को मिलेंगी हाईटेक इलाज सुविधाएं

अरुणाचल प्रदेश में पहला स्टेट वेटरिनरी पॉलीक्लिनिक शुरू हो गया है. यहां पशुओं को आधुनिक जांच, सर्जरी, इमरजेंसी इलाज और बीमारी नियंत्रण की सुविधा मिलेगी. यह केंद्र आवारा कुत्तों के प्रबंधन, एंटी रेबीज टीकाकरण और पशु कल्याण कार्यक्रमों के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 26 Jul, 2026 | 02:53 PM

Arunachal Pradesh Veterinary Polyclinic: अरुणाचल प्रदेश में पशु चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है. राज्य के पहले स्टेट वेटरिनरी पॉलीक्लिनिक का उद्घाटन 23 जुलाई 2026 को अबोतानी कॉलोनी में किया गया. अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह पॉलीक्लिनिक पशुओं के इलाज, जांच, सर्जरी और आपातकालीन सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में काम करेगा. इसके साथ ही यह आवारा कुत्तों के वैज्ञानिक प्रबंधन, एंटी रेबीज टीकाकरण और पशु कल्याण कार्यक्रमों का नोडल केंद्र भी बनेगा.

320 लाख रुपये की लागत से तैयार हुआ आधुनिक पॉलीक्लिनिक

राज्य के पहले वेटरिनरी पॉलीक्लिनिक का उद्घाटन पशुपालन, पशु चिकित्सा एवं डेयरी विकास मंत्री गैब्रियल डी. वांगसू और अरुणाचल प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव आईएएस मनीष कुमार गुप्ता ने किया. यह केंद्र इटानगर कैपिटल रीजन (ICR) और आसपास के क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं  को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है. इस परियोजना पर कुल 320 लाख रुपये की लागत आई है, जिसे शहरी विकास एवं आवास विभाग के इटानगर डिवीजन द्वारा पूरा किया गया है. आधुनिक रेफरल वेटरिनरी हेल्थकेयर सेंटर के रूप में विकसित यह पॉलीक्लिनिक गंभीर बीमारियों से पीड़ित पशुओं के इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.

इलाज, सर्जरी और जांच की मिलेंगी विशेष सुविधाएं

स्टेट वेटरिनरी पॉलीक्लिनिक में पशुओं के लिए कई विशेषज्ञ सेवाओं की व्यवस्था की गई है. यहां बीमारियों की आधुनिक जांच, उपचार, सर्जरी, आपातकालीन पशु चिकित्सा सेवाएं और प्रयोगशाला जांच की सुविधा उपलब्ध होगी. इसके अलावा यह केंद्र पशुपालकों और पालतू पशु मालिकों को तकनीकी सलाह और विस्तार सेवाएं भी प्रदान करेगा. पशु रोगों की समय पर पहचान, बीमारी की निगरानी और आपातकालीन स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने के लिए यह सुविधा राज्य की पशु स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाएगी. पशुपालन, पशु चिकित्सा एवं डेयरी विकास मंत्री गैब्रियल डी. वांगसू ने बताया कि जल्द ही पॉलीक्लिनिक में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीनें भी स्थापित की जाएंगी. उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित डॉक्टर इन आधुनिक मशीनों के माध्यम से पशुओं की बेहतर जांच और उपचार कर सकेंगे.

आवारा कुत्तों के प्रबंधन और रेबीज नियंत्रण का बनेगा केंद्र

यह पॉलीक्लिनिक इटानगर कैपिटल रीजन में आवारा कुत्तों  के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए राज्य स्तरीय नोडल केंद्र के रूप में काम करेगा. यहां एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) कार्यक्रम, एंटी रेबीज टीकाकरण, बीमारी निगरानी और पशु कल्याण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा. यह सुविधा ABC Rules, 2023 के तहत आवारा कुत्तों के मानवीय प्रबंधन में मदद करेगी. साथ ही पशु कल्याण और सार्वजनिक सुरक्षा के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

वन हेल्थ दृष्टिकोण से मजबूत होगी पशु स्वास्थ्य व्यवस्था

स्टेट वेटरिनरी पॉलीक्लिनिक की स्थापना को राज्य में पशु स्वास्थ्य सेवाओं  के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. यह केंद्र पशुधन, पालतू पशुओं और अन्य घरेलू जानवरों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराएगा. यह पॉलीक्लिनिक जिम्मेदार पालतू पशु पालन को बढ़ावा देने, पशु कल्याण को मजबूत करने और वन हेल्थ (One Health) दृष्टिकोण के तहत सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा में अहम योगदान देगा.

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