बिहार सरकार की बड़ी चेतावनी, वज्रपात से पशुओं की जान बचाने के लिए तुरंत अपनाएं ये उपाय

बिहार सरकार ने वज्रपात के बढ़ते खतरे को देखते हुए पशुपालकों के लिए विशेष सतर्कता जारी की है. विभाग ने बताया कि मानसून के दौरान ठनका से पशुओं की जान को गंभीर खतरा हो सकता है. इसलिए समय रहते सावधानी और सुरक्षा उपाय अपनाना बेहद जरूरी है ताकि पशुधन को नुकसान से बचाया जा सके.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 21 Jun, 2026 | 11:01 AM

Livestock protection: बिहार में मानसून के दौरान लगातार हो रही बारिश और वज्रपात (ठनका) की घटनाओं को देखते हुए बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग (पशुपालन निदेशालय) ने पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है. विभाग ने कहा है कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर पशुओं की जान बचाई जा सकती है और बड़े नुकसान से भी बचा जा सकता है.

खुले में पशुओं को न रखें, सुरक्षित शेड में करें व्यवस्था

बिहार पशुपालन विभाग के अनुसार वज्रपात के समय सबसे ज्यादा खतरा  खुले में बंधे पशुओं को होता है. इसलिए सभी पशुपालकों को सलाह दी गई है कि अपने पशुओं को हमेशा सुरक्षित पशुशाला (शेड) के अंदर ही रखें. खुले मैदान, खेत या चारागाह में बारिश और बिजली चमकने के दौरान पशुओं को बिल्कुल न छोड़ें. यह सबसे ज्यादा जोखिम भरा समय होता है. सरकार ने स्पष्ट कहा है कि सुरक्षित शेड ही पशुओं के जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा कवच है.

ऊंचे पेड़ों और खुले स्थानों से दूरी जरूरी

एडवाइजरी में ये भी बताया गया है कि वज्रपात के दौरान पशुओं को कभी भी ऊंचे और अकेले खड़े पेड़ों के नीचे नहीं बांधना चाहिए. ऐसे स्थानों पर बिजली गिरने की संभावना अधिक रहती है, जिससे पशुओं की तुरंत मौत भी हो सकती है. पशुपालकों को चाहिए कि वे अपने पशुओं को समतल और सुरक्षित स्थान पर रखें, जहां बिजली गिरने का खतरा कम हो.

वज्रपात के समय बरतें विशेष सावधानी

बिहार पशुपालन विभाग के अनुसार, जब आसमान में तेज गरज-चमक हो रही हो, तो पशुओं को तुरंत सुरक्षित  जगह पर ले जाएं. इस दौरान पशुओं को चराने के लिए बाहर न ले जाएं और किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें. विभाग ने यह भी कहा है कि मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि समय रहते सावधानी बरती जा सके.

आपात स्थिति में तुरंत करें सूचना और मदद लें

यदि किसी स्थान पर वज्रपात की घटना होती है या पशु प्रभावित होते हैं, तो तुरंत स्थानीय पशु चिकित्सा अधिकारी या प्रशासन को सूचना दें. सरकार ने पशुपालकों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति में घबराएं नहीं और तुरंत मदद प्राप्त करें. बिहार सरकार का उद्देश्य है कि जागरूकता के माध्यम से पशुधन को सुरक्षित रखा जाए और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नुकसान से बचाया जाए.

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