Dairy Farming: दांत और थन देखकर पहचानें असली दुधारू गाय-भैंस, नहीं होगा डेयरी में कोई नुकसान
डेयरी शुरू करने से पहले सही गाय-भैंस चुनना बेहद जरूरी है. कई लोग बिना जांच किए पशु खरीद लेते हैं और बाद में नुकसान उठाते हैं. अगर दांत, थन, सेहत और बच्चा देने की क्षमता को ध्यान से परखा जाए, तो अच्छी कमाई हो सकती है. सही जानकारी ही डेयरी में सफलता की कुंजी है.
Dairy Farming: गांव हो या शहर, डेयरी का काम आज अच्छी कमाई का जरिया बन चुका है. लेकिन मुनाफा तभी होगा, जब आप सही गाय या भैंस चुनेंगे. कई लोग जल्दीबाजी या कम दाम के लालच में गलत पशु खरीद लेते हैं और बाद में पछताते हैं. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम के अनुसार, पशु खरीदते समय उसकी उम्र, सेहत और दूध देने की क्षमता को ध्यान से परखना बहुत जरूरी है. अगर कुछ आसान बातों का ध्यान रख लिया जाए, तो नुकसान से बचा जा सकता है और कमाई भी बढ़ाई जा सकती है.
दांत देखकर पहचानें सही उम्र
पशु खरीदते समय सबसे पहले उसकी उम्र जरूर देखें. कम उम्र की और पहले या दूसरे ब्यांत वाली गाय-भैंस ज्यादा दूध देती हैं. ज्यादा उम्र के पशु सस्ते मिल जाते हैं, लेकिन उनका दूध धीरे-धीरे कम हो जाता है. कई बार बेचने वाले सही उम्र नहीं बताते, इसलिए दांत देखकर अंदाजा लगाना चाहिए. अगर समझ न आए तो किसी जानकार से जांच जरूर करवा लें. सही उम्र का पशु ही लंबे समय तक फायदा देता है.
शरीर की बनावट और चाल पर दें ध्यान
एक अच्छा दुधारू पशु आगे से पतला और पीछे से थोड़ा चौड़ा होता है. उसकी चमड़ी मुलायम और पतली होनी चाहिए. आंखें चमकदार और सतर्क दिखनी चाहिए. अगर पशु सुस्त, कमजोर या बीमार लगे तो उसे न खरीदें. बीमार पशु पर दवा का खर्च ज्यादा आता है और दूध भी कम देता है. पशु की चाल भी देखें. अगर वह ठीक से चल रहा है और लंगड़ा नहीं रहा, तो यह अच्छी सेहत की निशानी है.
थन और दूध की धार जरूर जांचें
दूध देने वाले पशु की असली पहचान उसके थनों से होती है. चारों थन बराबर दूरी पर और सही आकार के होने चाहिए. बहुत छोटे, सख्त या टेढ़े-मेढ़े थन वाले पशु से दूध निकालने में परेशानी हो सकती है. खरीदने से पहले कम से कम दो बार अपने सामने दूध निकलवाकर देखें. अगर दूध की धार सीधी और मोटी गिर रही है, तो पशु अच्छा है. दूध निकालने के बाद थन सिकुड़ जाने चाहिए. यही अच्छे दुधारू पशु की पहचान है.
बच्चा देने की क्षमता भी है जरूरी
डेयरी में लगातार कमाई के लिए जरूरी है कि पशु हर साल बच्चा दे. इसलिए खरीदने से पहले पूछ लें कि पहले उसे बच्चा देने में कोई दिक्कत तो नहीं हुई. कई बार प्रजनन समस्या वाले पशु कम दाम में बेच दिए जाते हैं. ऐसे पशु भविष्य में दूध कम देते हैं और खर्च ज्यादा कराते हैं. अगर पशु की बच्चा देने की क्षमता सही है, तो दूध उत्पादन भी लंबे समय तक ठीक रहेगा.
नस्ल, खानपान और टीकाकरण की पूरी जानकारी लें
हमेशा अच्छी नस्ल का पशु ही खरीदें. अच्छी नस्ल का पशु थोड़ा महंगा जरूर होता है, लेकिन दूध ज्यादा देता है और जल्दी बीमार नहीं पड़ता. मिलावटी नस्ल का पशु चारा तो उतना ही खाएगा, लेकिन दूध कम देगा. पशु खरीदने के बाद उसके पुराने खानपान की जानकारी जरूर लें. अचानक चारा बदलने से पशु तनाव में आ सकता है और दूध कम हो सकता है. शुरुआत में वही खाना दें जो वह पहले खा रहा था, फिर धीरे-धीरे बदलाव करें.
यह भी जरूर पूछें कि पशु का टीकाकरण समय पर हुआ है या नहीं. बिना टीके वाला पशु नई जगह जाकर जल्दी बीमार पड़ सकता है. अगर संभव हो तो उसका हेल्थ रिकॉर्ड भी देखें. अगर आपको पशु पहचानने का ज्यादा अनुभव नहीं है, तो किसी जानकार या डॉक्टर को साथ ले जाएं. उनकी सलाह से आप सही कीमत पर सही पशु खरीद पाएंगे.