गाय जितना दूध देती हैं ये बकरियां, पालन करते ही दूर हो जाएगी पैसों की तंगी.. तेजी से बड़े होते हैं इनके बच्चे

बकरी पालन अब बड़ा व्यवसाय बन गया है, जिसमें दूध और मांस दोनों से अच्छी कमाई होती है. खास नस्लें जैसे जमुनापारी, सिरोही, बरबरी, बीटल और ओस्मानाबादी कम चारे में तेजी से वजन बढ़ाती हैं और रोज 2-3 लीटर दूध देती हैं. देश-विदेश में इनकी मांग भी ज्यादा है.

नोएडा | Updated On: 12 Jan, 2026 | 03:44 PM

Best Goat Breed: बकरी पालन सिर्फ छोटे और सीमांत किसानों का बिजनेस नहीं रहा. अब यह एक बड़ा व्यवसाय बन चुका है. गांव से लेकर शहरों तक में लोग बड़े स्तर पर बकरी पालन कर रहे हैं. इससे लाखों में कमाई हो रही है. वहीं, केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारें भी बकरी पालन को बढ़ावा दे रही हैं. किसानों को बकरी पालन का कारोबार शुरू करने के लिए सब्सिडी भी दी जा रही है. इसके बावजूद कई किसानों का कहना है कि उसे बकरी पालन के बिजनेस में मुनाफा नहीं हो रहा है. ऐसे किसानों को अब टेंशन लेने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आज हम बकरी की ऐसी नस्लों के बारे में बात करने जा रहे हैं, जिनका पालन करने पर कमाई ही कमाई होगी.

एक्सपर्ट के मुताबिक, बकरी की कुछ ऐसी खास नस्लें हैं, जो गाय जितना दूध देती हैं और तेजी से वजन बढ़ाती हैं. ऐसे में किसानों को दूध और मांस दोनों से अच्छी कमाई होती है. इन्हीं खास नस्लों में सिरोही, जमुनापारी, बरबरी और बीटल बकरियां  शामिल हैं. इनके मांस और दूध की मांग विदेशों में भी खूब है. ये बकरियां रोज 2-3 लीटर दूध देती हैं और कम चारे में जल्दी वजन बढ़ाती हैं.

रोजाना 2-3 लीटर तक दूध देती है

बात अगर सानन नस्ल की करें तो इसका मूल स्थान स्विट्जरलैंड है. सानन बकरी 3-4 लीटर दूध प्रतिदिन देती है. भारतीय गर्म मौसम में इसे ठीक से पालना जरूरी है, लेकिन सही देखभाल में यह डेयरी बकरी के रूप में अच्छा मुनाफा देती है. अगर आप बकरी पालन  से दूध से कमाई करना चाहते हैं तो जमुनापारी नस्ल आपके लिए सबसे सही साबित हो सकती है. इसे ‘बकरियों की गाय’ कहा जाता है, क्योंकि यह रोजाना 2-3 लीटर तक दूध देती है और इसकी ऊंचाई व शरीर देखकर पहली नजर में यह गाय लग सकती है. देश-विदेश में इसकी बहुत मांग है. ऐसे भी कई देसी नस्ल की गायें रोजाना 3 लीटर तक ही दूध देती हैं. खास बात यह है कि इसके बच्चे तेजी से बड़े होते हैं. यानी इनका वजन बहुत जल्द बढ़ता है.

दूध व मांस दोनों के लिए अच्छा विकल्प

राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, महाराष्ट्र या अन्य गर्म इलाकों में रहने वाले किसानों के लिए ओस्मानाबादी बकरी मुनाफे का बेहतरीन विकल्प है. यह गर्म जलवायु में भी अच्छा उत्पादन देती है और मांस के लिए भी उपयुक्त है. बरबरी नस्ल कम जगह, कम चारा और कम लागत में ज्यादा मुनाफा देती है. छोटे आकार की यह बकरी उत्तर भारत में काफी लोकप्रिय है, जल्दी परिपक्व होती है और दूध व मांस दोनों के लिए अच्छा विकल्प है.

राजस्थान की मशहूर ‘सिरोही’ नस्ल

वहीं, राजस्थान की मशहूर ‘सिरोही’ नस्ल आज देशभर के किसानों की पहली पसंद बन गई है. यह बकरी जल्दी वजन बढ़ाती है, कम देखभाल में अच्छी ग्रोथ देती है और खासकर मांस के लिए बहुत फायदेमंद है. इसी वजह से सिरोही बकरी  पालन करने वाले किसान अच्छी कमाई कर रहे हैं. अगर आप ऐसी नस्ल चाहते हैं जो दूध भी दे और मांस के लिए भी उपयुक्त हो, तो पंजाब की ‘बीटल बकरी’ सही विकल्प है. यह रोजाना 2 लीटर दूध देती है और इसके बच्चे भी तेजी से वजन पकड़ते हैं. इसकी मांग शहरों और गांवों दोनों जगह रहती है.

Published: 12 Jan, 2026 | 03:40 PM

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