Cattle Shelter: राजस्थान से पशुओं की देखभाल को लेकर एक चिंताजनक मामला सामने आया है. श्रीगंगानगर के मिर्जेवाला रोड स्थित नगर परिषद की नंदीशाला की हालत बेहद खराब पाई गई है. यहां एक बीमार पशु की मौत हो गई, जबकि कई पशु अभी भी खराब हालात में रहने को मजबूर हैं. इस घटना ने न सिर्फ लापरवाही पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पूरे राज्य में फैल रही पशु बीमारियों को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है.
नंदीशाला में लापरवाही, बीमार पशु ने तोड़ा दम
मिर्जेवाला रोड की नंदीशाला में हालात इतने खराब हैं कि एक बीमार पशु ने वहीं दम तोड़ दिया, लेकिन उसे समय पर हटाया भी नहीं जा सका. गौरक्षक दल ने इस पर हंगामा करते हुए आरोप लगाया कि बरसात के पानी से पूरे परिसर में गीलापन और गंदगी फैल गई है, जिससे पशु बीमार हो रहे हैं.
पशुओं को दिया जाने वाला चारा भी गीला मिला और हरे चारे का कोई स्टॉक नहीं था. इससे साफ है कि पशुओं की सही देखभाल नहीं हो रही थी. इस मामले में नंदीशाला प्रभारी और नगर परिषद के सहायक प्रशासनिक अधिकारी अरविंद ने मीडिया को बताया कि पशु का इलाज कराने के लिए पशुपालन विभाग के मुकेश कुमार को बुलाया गया था, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका.
65 पशु शिफ्टिंग के इंतजार में, काम एक हफ्ते से बंद
नंदीशाला में करीब 65 पशु ऐसे हैं, जिन्हें दूसरी गौशालाओं में भेजा जाना था, लेकिन यह काम पिछले एक सप्ताह से रुका हुआ है. इसकी वजह नगर परिषद के अस्थायी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल बताई जा रही है. कर्मचारी काम पर नहीं आ रहे हैं, जिससे शिफ्टिंग का काम पूरी तरह ठप पड़ गया है. इस देरी का सीधा असर पशुओं की सेहत पर पड़ रहा है, क्योंकि खराब माहौल में रहने से उनके बीमार होने का खतरा बढ़ गया है. प्रशासन का कहना है कि जैसे ही कर्मचारी वापस आएंगे, शिफ्टिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा.
नंदीशाला पर लगा ताला, अब बनेगी श्वानशाला
स्थिति बिगड़ने के बाद नगर परिषद प्रशासन ने नंदीशाला को बंद कर दिया है. अब इसे श्वानशाला में बदलने की तैयारी शुरू कर दी गई है. इसके लिए पिंजरे लगाने और पूरी संरचना बदलने का काम किया जा रहा है. प्रभारी के अनुसार, तूड़ी का इंतजाम किया गया था, लेकिन उसे बाड़े में डाल दिया गया, जहां बरसात का पानी आने से वह गीली हो गई. यह लापरवाही पशुओं की खराब हालत का एक बड़ा कारण मानी जा रही है.
राजस्थान में बढ़ रहा बीमारी का खतरा, सरकार अलर्ट
राजस्थान में इन दिनों पशुओं में खतरनाक बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है. हाल की सरकारी रिपोर्ट के अनुसार कई जगहों पर गाय, भेड़ और बकरियों की मौत के मामले सामने आए हैं. बालोतरा (सिवाना) में सैकड़ों भेड़ों की मौत हुई, जबकि रायसिंहनगर में 100 से ज्यादा गायों की जान गई.
खासकर खुरपका–मुंहपका (FMD) जैसी बीमारी तेजी से फैलती है और कुछ ही दिनों में पशु की जान ले सकती है. इस खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने मुफ्त टीकाकरण अभियान का 7वां चरण शुरू किया है, जिसमें 2 करोड़ से ज्यादा पशुओं को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है. जोराराम कुमावत ने कहा कि पशुपालक इस अभियान का लाभ उठाएं और अपने पशुओं को सुरक्षित रखें.