Pangasius Fish: देशभर में किसान अब सिर्फ पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रह गए हैं. बढ़ती लागत और मौसम की अनिश्चितता के बीच किसान ऐसे व्यवसायों की ओर बढ़ रहे हैं, जिनमें कम समय में अच्छी कमाई हो सके. इसी वजह से मछली पालन तेजी से किसानों की पहली पसंद बनता जा रहा है. खासकर पंगेशियस मछली पालन किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाला व्यवसाय साबित हो रहा है. ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में किसान अब तालाबों में मछली पालन कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं. सरकार की ओर से भी मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं. यही कारण है कि छोटे और मध्यम किसान भी इस व्यवसाय में रुचि दिखा रहे हैं.
पंगेशियस मछली की बढ़ी मांग
रोहू, कतला और मृगल जैसी पारंपरिक मछलियों के साथ अब पंगेशियस मछली की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. बाजार में इसकी बिक्री लगातार बढ़ रही है, क्योंकि यह मछली कम समय में तैयार हो जाती है और इसका उत्पादन भी अधिक होता है. यही वजह है कि कई किसान इस प्रजाति का पालन कर लाखों रुपये तक की कमाई कर रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, पंगेशियस मछली केवल 5 से 6 महीनों में बाजार के लिए तैयार हो जाती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह कम ऑक्सीजन वाले पानी में भी आसानी से जीवित रह सकती है. सर्दियों के मौसम में जब तालाबों में ऑक्सीजन की मात्रा घट जाती है, तब भी इस मछली पर ज्यादा असर नहीं पड़ता. इससे किसानों का नुकसान कम होता है और उत्पादन बेहतर मिलता है. इसके अलावा इस मछली की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है. अन्य मछलियों की तुलना में इसमें बीमारियों का खतरा कम रहता है, जिससे दवाओं और उपचार पर होने वाला खर्च घट जाता है. यही कारण है कि किसान इसे कम जोखिम वाला व्यवसाय मान रहे हैं.
कम जगह में अधिक उत्पादन से बढ़ा फायदा
पंगेशियस मछली पालन की एक और बड़ी खासियत ये है कि इसे ज्यादा जगह की आवश्यकता नहीं होती. सीमित क्षेत्र में भी इसका अच्छा उत्पादन लिया जा सकता है. छोटे तालाबों में भी किसान बड़ी मात्रा में मछली उत्पादन कर सकते हैं. इससे छोटे किसानों के लिए भी यह व्यवसाय काफी फायदेमंद साबित हो रहा है. विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि किसान सही तरीके से तालाब की तैयारी, पानी की गुणवत्ता और मछलियों के भोजन का ध्यान रखें, तो उत्पादन कई गुना तक बढ़ाया जा सकता है. इसके लिए किसानों को नियमित रूप से तालाब की सफाई और पानी की जांच करनी चाहिए. अच्छी गुणवत्ता का आहार देने से मछलियां तेजी से बढ़ती हैं और कम समय में बाजार के लिए तैयार हो जाती हैं. सरकार की कई योजनाओं के तहत किसानों को तालाब निर्माण, मछली बीज खरीद और उपकरणों पर सब्सिडी भी दी जा रही है. इससे किसानों की शुरुआती लागत कम हो रही है और वे आसानी से इस व्यवसाय की शुरुआत कर पा रहे हैं.
1 एकड़ तालाब से 6 लाख तक कमाई संभव
मछली पालन विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसान 1 एकड़ तालाब में पंगेशियस मछली पालन करते हैं, तो उन्हें 5 से 6 महीनों में अच्छा उत्पादन मिल सकता है. बाजार में इसकी मांग लगातार बनी रहने के कारण किसानों को उचित कीमत भी मिल जाती है. एक अनुमान के मुताबिक किसान 1 एकड़ तालाब से औसतन 3 लाख से 6 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं. यही वजह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में यह व्यवसाय तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. कई किसान खेती के साथ मछली पालन को जोड़कर अपनी आय बढ़ा रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसान आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन करें, तो कम लागत में बेहतर उत्पादन हासिल किया जा सकता है. आने वाले समय में पंगेशियस मछली पालन किसानों के लिए आय बढ़ाने का बड़ा साधन बन सकता है.