बरसात में पशुशाला बनी बदबू का अड्डा? तुरंत करें ये काम, मक्खियां और कीड़े भी रहेंगे दूर

बरसात में पशुशाला से तेज बदबू आने लगे तो इसे सामान्य न समझें. नमी, जमा पानी, गीला चारा और बंद वातावरण इसकी बड़ी वजह हो सकते हैं. पशु चिकित्सक घनश्याम कुमार के अनुसार, नियमित सफाई, बेहतर जल निकासी और हवा का आवागमन रखकर बदबू और मक्खियों से राहत पाई जा सकती है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 10 Aug, 2026 | 01:36 PM

Cattle Shed: बरसात के मौसम में पशुशाला में बदबू बढ़ना पशुपालकों के लिए आम परेशानी बन जाती है. लगातार नमी, गीला चारा, फर्श पर जमा पानी और हवा का कम आवागमन इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं. बदबू बढ़ने के साथ पशुशाला में मक्खियों और दूसरे कीड़ों की संख्या भी तेजी से बढ़ने लगती है. पशु चिकित्सक घनश्याम कुमार के अनुसार, बारिश के दिनों में पशुशाला को साफ रखने के साथ उसे सूखा और हवादार रखना बेहद जरूरी है. केवल बदबू दूर करने के लिए स्प्रे या दूसरे उपाय करने के बजाय उसके असली कारण को खत्म करना ज्यादा प्रभावी होता है.

नमी और जमा पानी बढ़ाता है बदबू

बारिश के दौरान पशुशाला में बारिश का पानी या पशुओं का गंदा पानी  जमा हो जाए तो फर्श लंबे समय तक गीला रहता है. गोबर और मूत्र के साथ मिलकर यही नमी तेज दुर्गंध का कारण बन सकती है. पशु चिकित्सक घनश्याम कुमार के अनुसार, पशुशाला के फर्श में पर्याप्त ढलान होना चाहिए, ताकि पानी एक जगह जमा न हो और आसानी से बाहर निकल सके. नालियों में गोबर और कचरा जमा होने पर उसे तुरंत साफ करना चाहिए. सिर्फ ऊपर से पानी हटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि निकासी का रास्ता भी खुला रखना जरूरी है.

गीला चारा और सड़ा बिछावन भी जिम्मेदार

बरसात में चारे में नमी  आने से उसमें सड़न और फफूंदी का खतरा बढ़ जाता है. ऐसा चारा पशुओं के लिए भी नुकसानदायक हो सकता है. बचा हुआ गीला चारा पशुशाला में पड़ा रहने से बदबू के साथ मक्खियां भी आकर्षित होती हैं. इसलिए पशुओं के सामने जरूरत के हिसाब से ही चारा रखें और बचा हुआ चारा समय पर हटा दें. इसी तरह गीले बिछावन को भी बदलते रहें. पशु चिकित्सक के अनुसार, सूखा बिछावन पशुओं को आराम देने के साथ पशुशाला में नमी और दुर्गंध कम करने में मदद करता है.

मक्खियों को भगाने से पहले पनपने की जगह खत्म करें

पशुशाला में मक्खियां  बढ़ने पर केवल उन्हें भगाने की कोशिश करना पर्याप्त नहीं है. जहां मक्खियां अधिक दिखाई दें, वहां गोबर, सड़ा चारा, गीली गंदगी या कचरा जमा हो सकता है. इन जगहों की नियमित सफाई जरूरी है. नीम की सूखी पत्तियों का धुआं कुछ हद तक मक्खियों और मच्छरों को दूर रखने में मदद कर सकता है, लेकिन इसका इस्तेमाल सावधानी से करना चाहिए. पशुओं को धुएं के बिल्कुल पास नहीं रखना चाहिए और बंद पशुशाला में ज्यादा धुआं नहीं करना चाहिए. नीम के उपाय को सफाई का विकल्प नहीं, बल्कि अतिरिक्त उपाय के तौर पर इस्तेमाल करें.

हवा का आवागमन रखें बेहतर

बरसात में चारों तरफ से बंद पशुशाला के अंदर नमी, गोबर और मूत्र की गंध ज्यादा देर तक बनी रहती है. ऐसे में जहां संभव हो, वहां पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था रखें, ताकि ताजी हवा अंदर आती रहे और नमी बाहर निकलती रहे. हालांकि तेज बारिश का पानी सीधे पशुओं तक नहीं पहुंचना चाहिए. पशु चिकित्सक घनश्याम कुमार के अनुसार, अगर सफाई के कुछ घंटों बाद ही बदबू दोबारा आने लगे तो फर्श के कोने, बंद नाली और पुराने गीले बिछावन की जांच करनी चाहिए. नियमित सफाई, पानी की सही निकासी, सूखा वातावरण और पर्याप्त हवा पशुशाला  को साफ रखने के सबसे प्रभावी उपाय हैं.

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