Camels Population: 15 लाख से घटकर 1 लाख के करीब पहुंचे ऊंट.. हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

Camels number Decline : राजस्थान में राज्य पशु ऊंट की लगातार घटती संख्या ने चिंता बढ़ा दी है. पिछले 45 वर्षों में ऊंटों की आबादी में भारी गिरावट दर्ज होने पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है. अदालत ने संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Updated On: 3 Jul, 2026 | 12:06 PM

Rajasthan Camel: राजस्थान की पहचान और राज्य पशु ऊंट की लगातार घटती संख्या अब अदालत की चिंता का विषय बन गई है. पिछले 45 वर्षों में ऊंटों की आबादी में करीब 90 प्रतिशत की गिरावट दर्ज होने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया है. अदालत ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है और पशुपालन विभाग के निदेशक को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने साफ कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में राजस्थान की पहचान रहे ऊंट का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है.

45 साल में 15 लाख से घटकर करीब 1 लाख रह गई ऊंटों की संख्या

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुनवाई के दौरान अदालत के सामने पेश किए गए रिकॉर्ड में ऊंटों की घटती संख्या  के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए. वर्ष 1980 में राजस्थान में करीब 15 लाख ऊंट थे. यह संख्या वर्ष 2004 तक घटकर 7.50 लाख रह गई. इसके बाद गिरावट का सिलसिला और तेज हुआ. वर्ष 2015 में ऊंटों की संख्या 3.26 लाख, वर्ष 2019 में 2.13 लाख और वर्ष 2021 में केवल 1.50 लाख दर्ज की गई. वर्तमान में प्रदेश में ऊंटों की संख्या घटकर करीब एक लाख रह गई है. इन आंकड़ों के आधार पर अदालत ने माना कि पिछले करीब 45 वर्षों में ऊंटों की आबादी में लगभग 90 प्रतिशत की कमी आई है.

हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

ऊंटों की लगातार घटती संख्या पर चिंता जताते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कई अहम सवाल पूछे हैं. अदालत ने कहा कि जब ऊंट को राजस्थान का राज्य पशु घोषित  किया गया है, तो उसके संरक्षण के लिए अब तक कौन-कौन से प्रभावी कदम उठाए गए हैं. कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि आखिर ऊंटों की संख्या लगातार क्यों घट रही है और इस स्थिति को रोकने के लिए सरकार की क्या कार्ययोजना है. अदालत ने पशुपालन विभाग के निदेशक को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर इन सवालों का जवाब देने के निर्देश दिए हैं.

राजस्थान में ऊंटों की घटती संख्या (45 वर्षों का रिकॉर्ड)

वर्ष ऊंटों की संख्या
1980 15.00 लाख
2004 7.50 लाख
2015 3.26 लाख
2019 2.13 लाख
2021 1.50 लाख
वर्तमान करीब 1.00 लाख

संरक्षण कानून होने के बावजूद क्यों नहीं थमी गिरावट?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि ऊंटों  के संरक्षण के लिए राज्य में कानून बनाए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी संख्या लगातार घटती रही. इस पर हाईकोर्ट ने सरकार को विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं. अदालत ने कहा कि केवल कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन भी जरूरी है. कोर्ट अब यह जानना चाहता है कि संरक्षण संबंधी नियमों का पालन किस स्तर पर हो रहा है और अब तक उनका क्या असर देखने को मिला है.

हाथी गांव में हथिनी की मौत का मामला भी पहुंचा अदालत

ऊंटों के मामले के साथ ही हाईकोर्ट ने हाथी गांव में हाथियों की देखभाल और हाल ही में हुई एक हथिनी की मौत के मामले को भी गंभीरता से लिया. अदालत ने इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) को भी अगली सुनवाई में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि वन्यजीवों का संरक्षण केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पर्यावरण और जैव विविधता की सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है. अब अगली सुनवाई में राज्य सरकार और संबंधित विभागों को दोनों मामलों पर विस्तृत रिपोर्ट और जवाब अदालत के सामने पेश करना होगा.

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Published: 3 Jul, 2026 | 11:39 AM

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