गर्मी में बकरियों पर बढ़ा बीमारी का खतरा… पशुपालक रहें सतर्क, साफ पानी से बचेगा नुकसान
गर्मी के मौसम में बकरियों में बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, जिससे पशुपालकों को नुकसान उठाना पड़ सकता है. विभाग ने साफ पानी, साफ-सफाई और समय पर देखभाल को बेहद जरूरी बताया है. थोड़ी सी लापरवाही बकरियों की सेहत पर भारी पड़ सकती है, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है.
Goat Farming: गर्मी का मौसम आते ही इंसानों के साथ-साथ जानवरों की सेहत पर भी असर पड़ने लगता है. खासकर बकरियां इस मौसम में जल्दी बीमार पड़ती हैं, जिससे पशुपालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. ऐसे में बिहार सरकार डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग और पशुपालन निदेशालय ने पशुपालकों के लिए जरूरी सलाह जारी की है, ताकि समय रहते सावधानी बरतकर बकरियों को बीमारियों से बचाया जा सके.
गर्मी में बकरियों को दें साफ और ठंडा पानी
गर्मी के दिनों में बकरियों के लिए सबसे जरूरी चीज है पानी. अगर उन्हें पर्याप्त और साफ पानी नहीं मिलता, तो वे जल्दी कमजोर हो जाती हैं और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. विभाग के अनुसार बकरियों को दिन में कई बार ठंडा और साफ पानी देना चाहिए. पानी के बर्तन भी रोज साफ करने चाहिए, ताकि उनमें किसी तरह के कीटाणु न पनपें. गंदा पानी पीने से पेट और संक्रमण से जुड़ी बीमारियां तेजी से फैलती हैं, जो जानलेवा भी हो सकती हैं.
साफ-सफाई का रखें खास ध्यान
गर्मी के मौसम में गंदगी से बीमारियां और तेजी से फैलती हैं. इसलिए जहां बकरियां रखी जाती हैं, उस जगह की रोज सफाई करना बहुत जरूरी है. गोबर और गंदगी को समय-समय पर हटाना चाहिए. अगर बाड़े में पानी जमा हो जाता है, तो वहां मच्छर और बैक्टीरिया पैदा होते हैं, जो बकरियों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं. साफ-सुथरा वातावरण रखने से कई बीमारियों से आसानी से बचाव किया जा सकता है.
- पशुपालकों के लिए रोजगार का नया मौका, केवल दूध ही नहीं ऊंट के आंसुओं से भी होगी कमाई
- बरसात में खतरनाक बीमारी का कहर, नहीं कराया टीकाकरण तो खत्म हो जाएगा सब
- पशुपालक इन दवाओं का ना करें इस्तेमाल, नहीं तो देना पड़ सकता है भारी जुर्माना
- 2000 रुपये किलो बिकती है यह मछली, तालाब में करें पालन और पाएं भारी लाभ
धूप और लू से बचाव जरूरी
तेज धूप और लू का असर बकरियों पर भी पड़ता है. ज्यादा देर तक धूप में रहने से उन्हें हीट स्ट्रोक हो सकता है, जिससे उनकी हालत बिगड़ सकती है. इसलिए बकरियों के लिए छायादार जगह का इंतजाम करना जरूरी है. दिन के सबसे गर्म समय में उन्हें बाहर चराने से बचना चाहिए. अगर संभव हो, तो सुबह या शाम के समय ही चराने ले जाएं, ताकि उन्हें गर्मी का कम असर पड़े.
समय पर इलाज और टीकाकरण जरूरी
अगर बकरी में किसी तरह के बीमारी के लक्षण दिखते हैं, जैसे भूख कम लगना, सुस्ती या बुखार, तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. देर करने से बीमारी गंभीर हो सकती है. इसके अलावा समय-समय पर टीकाकरण भी कराना जरूरी है, ताकि बकरियां खतरनाक बीमारियों से सुरक्षित रह सकें. विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि वे लापरवाही न करें और नियमित रूप से पशुओं की जांच करवाते रहें. गर्मी के मौसम में थोड़ी सी सावधानी बरतकर पशुपालक अपनी बकरियों को स्वस्थ रख सकते हैं और नुकसान से बच सकते हैं. सही देखभाल, साफ पानी और समय पर इलाज ही बकरियों को बीमारियों से बचाने का सबसे आसान और असरदार तरीका है.