गाय की आंखों से गिरता पानी हो सकता है अंधेपन का संकेत, इन 5 लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज
पशुपालक अक्सर गायों के खान-पान पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन उनकी आंखों में होने वाले बदलावों को पहचान नहीं पाते. कंजक्टिवाइटिस से लेकर खतरनाक अल्सर तक, ऐसी कई बीमारियां हैं जो गायों को उम्र भर के लिए अंधा बना सकती हैं. समय रहते लक्षणों की पहचान और सही देखभाल ही आपके बेजुबान साथी को बचा सकती है.
Cattle Eye Diseases : अक्सर जब हम अपने पशुओं की सेहत की बात करते हैं, तो हमारा पूरा ध्यान उनके खाने-पीने और दूध देने की क्षमता पर होता है. लेकिन क्या आपने कभी अपनी गाय की आंखों में झांककर देखा है? बेजुबान जानवर अपनी तकलीफ बोलकर नहीं बता सकते, और अक्सर पशुपालक आंखों से पानी आने या लाल होने जैसी छोटी समस्याओं को मामूली समझकर छोड़ देते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गायों की आंखें बहुत ही संवेदनशील होती हैं और थोड़ी सी लापरवाही उन्हें हमेशा के लिए अंधेरे की ओर धकेल सकती है. आंखों की बीमारियां न केवल पशु को दर्द देती हैं, बल्कि उसके तनाव में रहने के कारण दूध के उत्पादन पर भी बुरा असर पड़ता है. आइए जानते हैं वे कौन सी 5 बीमारियां हैं, जो आपकी गाय की सेहत बिगाड़ सकती हैं.
कंजक्टिवाइटिस- जब आंखें हो जाएं गुलाबी और लाल
गायों में सबसे ज्यादा होने वाली समस्या कंजक्टिवाइटिस है. इसमें गाय की आंखें अचानक लाल या गुलाबी दिखाई देने लगती हैं और उनमें सूजन आ जाती है. धूल-मिट्टी, मक्खियों या वायरल इन्फेक्शन की वजह से होने वाली इस बीमारी में आंखों से लगातार पानी बहता रहता है. अगर आपकी गाय बार-बार अपनी आंखें बंद कर रही है, तो समझ लीजिए उसे जलन हो रही है. समय पर साफ-सफाई और आई ड्रॉप्स के इस्तेमाल से इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है, वरना यह संक्रमण दूसरे पशुओं में भी फैल सकता है.
कॉर्नियल अल्सर- एक छोटी सी चोट और गहरा घाव
खेतों में चरते समय या बाड़े में किसी नुकीली चीज से टकराने पर गाय की आंख में चोट लग सकती है, जिसे कॉर्नियल अल्सर कहा जाता है. इसमें आंख पर एक सफेद परत जमने लगती है और घाव गहरा हो जाता है. अगर आपको लगे कि गाय की आंख सफेद पड़ रही है या उसे देखने में दिक्कत हो रही है, तो इसे बिल्कुल हल्के में न लें. विशेषज्ञों के अनुसार, इसमें होने वाला दर्द असहनीय होता है और देरी होने पर पशु अपनी आंखों की रोशनी हमेशा के लिए खो सकता है.
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आई वर्म- जब आंखों में रेंगने लगें कीड़े
सुनने में यह थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन खुले में चरने वाले पशुओं की आंखों में परजीवी या कीड़े (आई वर्म) होने की समस्या काफी आम है. इस संक्रमण की वजह से गाय अपनी आंखों को दीवारों या खंभों से रगड़ने लगती है. वह बार-बार पलकें झपकाती है और कई बार दर्द के कारण चलते समय लड़खड़ाने भी लगती है. नियमित रूप से आंखों की जांच और डॉक्टरी सलाह से कीड़े की दवा देना इस समस्या का एकमात्र समाधान है.
ड्राई आई और मवाद- गर्मियों का जानलेवा इंफेक्शन
तेज धूप और एलर्जी की वजह से गायों में ड्राई आई की समस्या देखी जाती है. इसमें आंखों से पानी की जगह गाढ़ा मवाद जैसा चिपचिपा पदार्थ निकलने लगता है. यह स्थिति पशु को बहुत बेचैन कर देती है. इसके अलावा, विटामिन A की कमी भी आंखों की कमजोरी का एक बड़ा कारण है. जैसे इंसानों को बेहतर रोशनी के लिए पोषण चाहिए, वैसे ही गायों के आहार में भी विटामिन युक्त चारा होना बेहद जरूरी है ताकि उनकी इम्युनिटी मजबूत बनी रहे.
सलाह- पशु विशेषज्ञों का मानना है कि आंखों की बीमारियों से बचाव का सबसे सरल तरीका स्वच्छता है. अपने पशु के चेहरे को साफ पानी से धोते रहें और बाड़े में मक्खियों को न पनपने दें. अगर आपको आंखों में कोई भी असामान्य लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. याद रखें, आपकी थोड़ी सी सजगता आपके बेजुबान साथी को एक दर्दनाक जीवन से बचा सकती है.