Animal Health: आज 25 अप्रैल 2026 को पूरे देश में वर्ल्ड वेटरनरी डे मनाया जा रहा है. इस खास मौके पर पशुपालन और डेयरी विभाग ने देश के सभी पशु चिकित्सकों के योगदान को सराहा है. विभाग का कहना है कि वेटरनरी डॉक्टर न सिर्फ पशुओं का इलाज करते हैं, बल्कि वे खाद्य सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और किसानों की आय बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं. आज के समय में जब सुरक्षित भोजन और बेहतर स्वास्थ्य सबसे बड़ी जरूरत बन गया है, ऐसे में पशु चिकित्सकों का योगदान और भी महत्वपूर्ण हो जाता है. ये डॉक्टर चुपचाप अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए देश की सेहत और अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूत कर रहे हैं.
खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के असली रक्षक
पशुपालन और डेयरी विभाग के अनुसार, वेटरनरी डॉक्टर फूड और हेल्थ के गार्डियन यानी सुरक्षा कवच हैं. ये सुनिश्चित करते हैं कि दूध, मांस और अंडे जैसे खाद्य उत्पाद सुरक्षित और बीमारी मुक्त हों. पशुओं की नियमित जांच, टीकाकरण और इलाज के जरिए ये डॉक्टर बीमारियों को फैलने से रोकते हैं. इससे न सिर्फ पशु स्वस्थ रहते हैं, बल्कि इंसानों तक बीमारी पहुंचने का खतरा भी कम हो जाता है. इस तरह पशु चिकित्सक सीधे तौर पर देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाते हैं और लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने में बड़ी भूमिका निभाते हैं.

पशु चिकित्सक सुरक्षित भोजन और स्वस्थ समाज बनाने में मददगार.
पशु कल्याण और किसानों की आय में अहम योगदान
भारत में पशुपालन लाखों किसानों की आय का मुख्य साधन है. ऐसे में वेटरनरी डॉक्टर किसानों के लिए एक मजबूत सहारा हैं. ये डॉक्टर पशुओं के सही पोषण, इलाज और देखभाल की जानकारी देकर दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद करते हैं. इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होती है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है. जब किसी बीमारी का खतरा होता है, तो पशु चिकित्सक समय पर इलाज और सलाह देकर किसानों को बड़े नुकसान से बचाते हैं. इस तरह वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
वन हेल्थ सोच को बढ़ावा, भविष्य के लिए जरूरी कदम
पशुपालन और डेयरी विभाग ने वन हेल्थ अवधारणा पर भी जोर दिया है. इसका मतलब है कि इंसान, पशु और पर्यावरण-तीनों की सेहत एक-दूसरे से जुड़ी हुई है. आज के दौर में कई बीमारियां पशुओं से इंसानों तक फैलती हैं. ऐसे में वेटरनरी डॉक्टर, डॉक्टर और वैज्ञानिक मिलकर इन बीमारियों को रोकने का काम करते हैं. कोरोना जैसी महामारी के बाद यह समझ और मजबूत हुई है कि अगर पशु स्वस्थ रहेंगे, तो इंसान भी सुरक्षित रहेगा. इसलिए भविष्य में वेटरनरी सेवाओं की भूमिका और भी बढ़ने वाली है.
देश के विकास और सुरक्षित भविष्य में बड़ी भूमिका
पशुपालन और डेयरी विभाग का मानना है कि वेटरनरी डॉक्टर देश के विकास में अहम योगदान दे रहे हैं. ये न सिर्फ पशुओं की देखभाल करते हैं, बल्कि सुरक्षित उत्पादन और टिकाऊ कृषि व्यवस्था को भी बढ़ावा देते हैं. इनकी मेहनत से ही खाद्य उत्पादन बेहतर होता है, किसानों की आय बढ़ती है और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है. वर्ल्ड वेटरनरी डे के मौके पर विभाग ने सभी पशु चिकित्सकों के समर्पण और सेवा भावना को नमन किया है और लोगों से अपील की है कि वे उनके योगदान को पहचानें और सराहें.