Apple करेगा भारत में 100 करोड़ का ग्रीन निवेश, 1.5 लाख घरों तक पहुंचेगी बिजली

India Green Economy: भारत तेजी से ग्रीन इकोनॉमी की दिशा में आगे बढ़ रहा है और दुनिया का भरोसा भारतीय रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर पर लगातार बढ़ रहा है. इसी कड़ी में एप्पल (Apple) भारत में 100 रुपये करोड़ का ग्रीन निवेश करने जा रहा है, जिससे 150 MW+ नई स्वच्छ ऊर्जा क्षमता विकसित होगी. इस प्रोजेक्ट से हर साल करीब 1.5 लाख घरों को ऊर्जा मिल सकेगी.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 8 May, 2026 | 01:08 PM

Apple Green Investment India: टेक कंपनी एप्पल (Apple) ने भारत में करीब 100 करोड़ रुपये का ग्रीन निवेश करने का फैसला किया है. माना जा रहा है कि इससे भारत के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर को बड़ा बढ़ावा मिलेगा. कंपनी इस निवेश के जरिए साफ ऊर्जा से जुड़ी सप्लाई चेन और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन सिस्टम को मजबूत करना चाहती है. इससे देश में ग्रीन टेक्नोलॉजी को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है और 1.5 लाख घरों तक बिजली पहुंचेगी.

150 MW+ नई रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता का विस्तार

इस पहल के तहत भारत में 150 मेगावॉट से ज्यादा नई रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता तैयार की जाएगी. यानी सौर और पवन ऊर्जा जैसे साफ स्रोतों से बिजली बनाई जाएगी. इससे देश में स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन बढ़ेगा और प्रदूषण फैलाने वाले कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी. यह कदम भारत को अपने जलवायु और पर्यावरण से जुड़े लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगा.

1.5 लाख घरों को मिलेगी स्वच्छ ऊर्जा

इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हर साल करीब 1.5 लाख भारतीय घरों तक साफ और प्रदूषण रहित बिजली पहुंच सकेगी. इससे हजारों परिवारों को बेहतर और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा मिलेगी, जिससे उनकी जिंदगी भी आसान और बेहतर बनेगी.

अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 2014 में करीब 76 गीगावॉट (GW) थी, जो अब बढ़कर 230 GW से ज्यादा हो चुकी है. यानी कुछ ही वर्षों में इसमें लगभग 3 गुना बढ़ोतरी हुई है. यह दिखाता है कि भारत अब धीरे-धीरे कोयला और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करके सौर और पवन ऊर्जा जैसी साफ और टिकाऊ ऊर्जा की तरफ तेजी से बढ़ रहा है.

ग्रीन इकोनॉमी, बढ़ता निवेश

भारत अब तेजी से साफ और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाने वाली ऊर्जा की तरफ बढ़ रहा है. यानी देश में अब कोयला और पेट्रोल जैसी चीजों की जगह सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है. इसे ही ग्रीन इकोनॉमी कहा जाता है. बढ़ते प्रदूषण और मौसम में हो रहे बदलावों के बीच भारत के इस कदम से दुनिया के बड़े निवेशकों का भरोसा भी मजबूत हुआ है और यही वजह है कि अब दुनिया के बड़े निवेशक भी भारत पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं और यहां निवेश बढ़ा रहे हैं.

भविष्य की ओर बढ़ता भारत

ग्रीन इकोनॉमी की ओर बढ़ता भारत अब ऐसे भविष्य की तरफ कदम बढ़ा रहा है, जहां विकास के साथ पर्यावरण का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा. विदेशी निवेश, नई तकनीक और सरकार की योजनाएं मिलकर भारत को दुनिया में ग्रीन एनर्जी के बड़े लीडर के रूप में आगे ला रही हैं. यह बदलाव सिर्फ अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि एक नई हरित क्रांति की शुरुआत माना जा रहा है. आने वाले समय में इससे देश की ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी और भारत दुनिया के सामने टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल विकास का मजबूत उदाहरण पेश करेगा.

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