बिहार के किसानों की बल्ले-बल्ले! मसूर की सरकारी खरीद को मिली मंजूरी, अब बिचौलियों का खेल खत्म

Bihar Masoor Procurement 2026: बिहार सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए 32,000 मीट्रिक टन मसूर की सरकारी खरीद को मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का सीधा लाभ मिलेगा और उनकी उपज उचित दाम पर खरीदी जाएगी. खास बात यह है कि भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी. इससे न सिर्फ किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी, बल्कि राज्य में दलहन उत्पादन को भी नई गति मिलेगी.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 25 Mar, 2026 | 08:22 PM

Masoor Procurement: बिहार के किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. अब राज्य में मसूर की फसल की सरकारी खरीद को मंजूरी मिल गई है, जिससे किसानों को सीधे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का फायदा मिलेगा. यह फैसला किसानों की आय बढ़ाने और दलहन उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.

32,000 मीट्रिक टन मसूर की होगी खरीद

बिहार कृषि विभाग के अनुसार, राज्य सरकार ने साल 2026 में लगभग 32,000 मीट्रिक टन मसूर खरीदने का लक्ष्य तय किया है. यह खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जाएगी, जिससे किसानों को अपनी उपज का उचित दाम मिल सके. इस योजना का लाभ सीधे किसानों को मिलेगा, क्योंकि भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में किया जाएगा. इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और किसानों को पारदर्शी तरीके से पैसा मिलेगा.

किसानों के लिए क्यों है यह फैसला अहम?

अब तक बिहार में गेहूं और धान की सरकारी खरीद तो होती थी, लेकिन दलहन फसलों के लिए ऐसी व्यवस्था सीमित थी. मसूर की सरकारी खरीद शुरू होने से किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए बेहतर विकल्प मिलेगा.

  • किसानों को मिलेगा सही मूल्य
  • आय में होगी सीधी बढ़ोतरी
  • दलहन उत्पादन को मिलेगा प्रोत्साहन
  • बाजार में दालों की उपलब्धता बढ़ेगी

यह कदम खासकर छोटे और मध्यम किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है.

खरीद प्रक्रिया और समय सीमा

सरकार ने इस खरीद प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए कुछ दिशा-निर्देश तय किए हैं.

  • खरीद अवधि लगभग 60 दिनों तक चलेगी
  • भुगतान 3 दिनों के भीतर किसानों के खाते में किया जाएगा
  • किसानों को पहले पंजीकरण कराना होगा
  • खरीद केंद्रों पर उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी

इससे किसानों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे आसानी से अपनी फसल बेच सकेंगे.

सरकार का उद्देश्य और योजना

इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है. इसके साथ ही राज्य में दलहन उत्पादन को बढ़ावा देना भी सरकार की प्राथमिकता है.सरकार का मानना है कि अगर किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिलेगा, तो वे ज्यादा उत्पादन के लिए प्रेरित होंगे. इससे न सिर्फ किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि राज्य की कृषि व्यवस्था भी मजबूत होगी.

बिहार में मसूर की सरकारी खरीद को मंजूरी मिलना किसानों के लिए एक सकारात्मक कदम है. इससे उन्हें एमएसपी का लाभ मिलेगा और उनकी आय में सुधार होगा. पारदर्शी खरीद प्रक्रिया और समय पर भुगतान से किसानों का भरोसा भी बढ़ेगा.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 25 Mar, 2026 | 08:22 PM
ज्ञान का सम्मान क्विज

किस फसल को सफेद सोना कहा जाता है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
गेहूं को फसलों का राजा कहा जाता है.
विजेताओं के नाम
नसीम अंसारी, देवघर, झारखंड.
रमेश साहू, रायपुर, छत्तीसगढ़

लेटेस्ट न्यूज़