कावेरी के पानी से खिलेगा डेल्टा! CM विजय ने खोला मेट्टूर बांध, किसानों को मिली बड़ी राहत

तमिलनाडु में किसानों के लिए बड़ी राहत आई है. मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मेट्टूर बांध के गेट खोलकर कावेरी डेल्टा में सिंचाई के लिए पानी छोड़ा. 1 सितंबर से 45 दिनों तक पानी देने की योजना है. हालांकि, जलस्तर और आवक पर आगे फैसला निर्भर करेगा.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 1 Sep, 2026 | 01:53 PM

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार को मेट्टूर स्थित स्टेनली जलाशय के स्लुइस गेट खोलकर कावेरी डेल्टा के जिलों के लिए सिंचाई का पानी छोड़ना शुरू किया. इस साल कम बारिश और जलाशय में कम भंडारण के कारण बांध खोलने में देरी हुई थी. अब 1 सितंबर से अगले 45 दिनों तक पानी छोड़ने की योजना है, हालांकि यह जलाशय के जलस्तर और पानी की आवक पर निर्भर करेगी.

11.40 बजे खोले गए बांध के गेट

मुख्यमंत्री विजय  ने मंगलवार यानी (1 सितंबर) सुबह 11.40 बजे मेट्टूर बांध के गेट खोले. इसके साथ ही कावेरी डेल्टा की ओर सिंचाई के लिए पानी का प्रवाह शुरू हो गया. यह मुख्यमंत्री बनने के बाद मेट्टूर का उनका पहला दौरा भी है. विजय ने 10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. सरकार की योजना के मुताबिक 1 सितंबर से 45 दिनों तक किसानों के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा. हालांकि, आगे जलाशय में पानी की आवक और मौजूदा भंडारण की स्थिति के आधार पर पानी छोड़ने की मात्रा में बदलाव किया जा सकता है. कावेरी डेल्टा में बड़ी संख्या में किसान खेती के लिए नदी के पानी पर निर्भर हैं.

12 जून को खुलता है मेट्टूर बांध, इस बार क्यों हुई देरी?

मेट्टूर बांध को आमतौर पर हर साल 12 जून को सिंचाई के लिए खोला जाता है. इसका उद्देश्य कावेरी डेल्टा क्षेत्र में कुरुवई धान की कम अवधि वाली फसल  की खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना है. लेकिन इस साल कावेरी बेसिन में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण जलाशय का जलस्तर कम रहा. कम भंडारण के चलते निर्धारित तारीख पर बांध खोलना संभव नहीं हो पाया. इससे डेल्टा क्षेत्र के किसानों के सामने खेती को लेकर चिंता बढ़ गई थी. अब जलाशय में पानी की स्थिति में सुधार के बाद सरकार ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ने का फैसला किया है.

कावेरी पानी को लेकर तमिलनाडु-कर्नाटक में विवाद जारी

मेट्टूर से पानी छोड़े जाने के बीच तमिलनाडु और कर्नाटक  के बीच कावेरी जल बंटवारे का विवाद भी जारी है. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कावेरी जल विवाद से जुड़ी सुनवाई को 15 सितंबर तक टाल दिया. तमिलनाडु ने अदालत से कर्नाटक को पानी की पिछली कमी पूरी करने के लिए निर्देश देने की मांग की है. तमिलनाडु की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन ने आरोप लगाया कि कर्नाटक ने पानी की जमा कमी को पूरा नहीं किया है. उन्होंने कहा कि राज्य का बड़ा कृषि क्षेत्र कावेरी के पानी पर निर्भर है और संचित कमी को दूर करने के लिए निर्देश दिए जाने चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट में 15 सितंबर को फिर होगी सुनवाई

कर्नाटक ने अदालत में दावा किया कि वह निर्धारित मात्रा से अधिक पानी पहले ही छोड़ रहा है. इसके बाद जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने दोनों राज्यों को आगे के घटनाक्रम रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को तय की. अब मेट्टूर बांध से पानी छोड़े जाने  के बाद कावेरी डेल्टा के किसानों को खरीफ और धान की खेती में राहत मिलने की उम्मीद है. हालांकि, आने वाले दिनों में जलाशय में पानी की आवक और कर्नाटक से मिलने वाले कावेरी जल पर पूरे क्षेत्र की नजर बनी रहेगी.

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