Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में किसानों की शिकायतों पर कार्रवाई शुरू हो गई है. जिला मजिस्ट्रेट जितेन्द्र प्रताप सिंह ने उत्तरिपुरा स्थित नवीन मंडी स्थल के चार धान खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया और खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं पाईं. दरअसल, मंडी में खाद्य विभाग के तीन केंद्र उत्तरिपुरा मंडी फर्स्ट, सेकंड और थर्ड और एक केंद्र यूपीएसएस द्वारा संचालित है. निरीक्षण के दौरान किसान श्याम बाबू (मदारराय गुमनपुर), सरोज नारायण त्रिपाठी (सुजावलपुर) और रामपाल (ऐमा) ने सीधे DM को शिकायत की कि कई दिनों तक प्रयास करने के बावजूद उनका धान खरीदा नहीं जा रहा है.
मार्केटिंग इंस्पेक्टर नीरज शर्मा को निलंबित करने की सिफारिश
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, जिला मजिस्ट्रेट ने उत्तरिपुरा मंडी थर्ड खरीद केंद्र के इंचार्ज नीरज मिश्रा और मंडी खरीद केंद्र के इंचार्ज अमित द्विवेदी से जवाब मांगा है. लेकिन उनके उत्तर संतोषजनक नहीं पाए. किसान श्याम बाबू ने कहा कि वह दिसंबर से अपना धान बेचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक खरीदी नहीं हुई. डीएम ने नाराजगी जताते हुए मार्केटिंग इंस्पेक्टर नीरज शर्मा को निलंबित करने की सिफारिश के लिए सरकार को पत्र भेजने का निर्देश दिया. रिकॉर्ड जांच में यह भी सामने आया कि यूपीएसएस द्वारा संचालित केंद्र में 12 फरवरी के बाद कोई धान खरीदा नहीं गया, जबकि किसान वहां मौजूद थे.
14 नवंबर के बाद से कोई जिम्मेदार अधिकारी साइट का निरीक्षण नहीं किया
डीएम ने यह भी नाराजगी जताई कि 14 नवंबर के बाद कोई जिम्मेदार अधिकारी साइट का निरीक्षण नहीं कर रहा. गंभीर जांच सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए कि एसडीएम बिल्हौर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाई जाए, जिसमें एआरओ सप्लाई और मंडी सचिव सदस्य होंगे, ताकि धान खरीद की पूरी जांच की जा सके. निरीक्षण के दौरान मंडी परिसर में गंदगी पाई गई, जिसके लिए इंचार्ज मंडी सचिव अनिल पांडेय को फटकार लगाई गई और तुरंत सफाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया. खरीदा गया धान खुले में पड़ा मिला, इसलिए डीएम ने बारिश से नुकसान रोकने के लिए उसे सुरक्षित रखने का निर्देश दिया.
शिकायत मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी
डीएम ने आगे निर्देश दिया कि जिला खाद्य विपणन अधिकारी के खिलाफ नकारात्मक अंक दर्ज किया जाए. उन्होंने साफ कहा कि सभी किसानों का धान नियमों के अनुसार खरीदा जाना चाहिए, छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाएऔर किसानों को बिना वजह दौड़ाने की कोई शिकायत मिली, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी.