Agriculture News: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आईसीएआर द्वारा विकसित 25 फसलों की 184 नई उन्नत किस्मों का उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में 3,200 से ज्यादा नई बीज किस्में विकसित की गई हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की कोशिश है कि किसानों के लिए शुरू की गई सभी योजनाएं अगले तीन साल में देश के हर किसान तक पहुंचें. वहीं, सरकार को उम्मीद है कि इन उन्नत किस्मों से किसानों की कमाई में बढ़ोतरी होगी.
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में भारत का चावल उत्पादन 150 मिलियन टन से ज्यादा हो गया है. उन्होंने बताया कि भारत ने चावल उत्पादन में चीन को पीछे छोड़ दिया है और अब दुनिया का प्रमुख चावल निर्यातक देश बन चुका है. उन्होंने कहा कि पिछले 10 से 11 सालों में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 3,200 से ज्यादा नई बीज किस्में तैयार की गई हैं. मंत्री ने कहा कि बीज खेती की बुनियाद है और सरकार की कोशिश है कि अच्छी गुणवत्ता वाले बीज सही कीमत पर जल्द से जल्द किसानों तक पहुंचें. उन्होंने इस काम से जुड़े सभी वैज्ञानिकों को बधाई दी.
#WATCH | दिल्ली: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “आज, ICAR कृषि विश्वविद्यालय और निजी क्षेत्र में हमारे वैज्ञानिकों ने 25 फसलों की 184 नई किस्में विकसित की हैं, जिन्हें आज किसानों के लिए लोकार्पित किया गया है। मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि पिछले 10-11 सालों में,… pic.twitter.com/wq2X2U2Cns
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 4, 2026
सबसे ज्यादा 122 किस्में अनाज फसलों की
खास बात यह है कि आज जिन 184 नई किस्मों का शुभारंभ किया गया है, उनमें से सबसे ज्यादा 122 किस्में अनाज फसलों की हैं. इनमें धान और मक्का पर खास ध्यान दिया गया है. धान की 60 और मक्का की 50 नई किस्में किसानों को सौंपी गई हैं. इसके अलावा ज्वार, बाजरा, रागी और अन्य मोटे अनाजों की उन्नत किस्में भी शामिल हैं, जिससे पोषण और स्वास्थ्य के लिहाज से महत्वपूर्ण मोटे अनाजों को बढ़ावा मिलेगा.
तिलहन फसलों की 13 उन्नत किस्में भी जारी की गईं
वहीं, देश को दालों और तेल वाली फसलों में आत्मनिर्भर बनाने के लिए आज बड़ा कदम उठाया गया है. अरहर, मूंग और उड़द जैसी दालों की 6 नई किस्में लॉन्च की गई हैं. इसके साथ ही सरसों, मूंगफली, तिल, अरंडी और कुसुम जैसी तिलहन फसलों की 13 उन्नत किस्में भी जारी की गई हैं. इन नई किस्मों से उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे और आयात पर निर्भरता कम होगी.
कपास की 24 नई किस्में जारी की गईं
आज लॉन्च की गईं किस्मों में कपास, गन्ना और चारा फसलें भी शामिल हैं. कपास की 24 नई किस्में जारी की गई हैं, जिनमें 22 बीटी कपास की हैं, जिससे किसानों को कीटों से बेहतर सुरक्षा मिलेगी. गन्ने की 6 नई किस्में और चारा फसलों की 11 किस्में पशुपालकों और मिश्रित खेती करने वाले किसानों के लिए फायदेमंद होंगी. इसके अलावा जूट और तंबाकू की भी एक-एक नई किस्म किसानों को दी गई है.
उन्नत किस्में न सिर्फ उत्पादन बढ़ाएंगी, बल्कि गुणवत्ता सुधारकर होगा
सरकार का मानना है कि अच्छे बीज ही बेहतर खेती की नींव होते हैं. आज लॉन्च हुईं 184 नई उन्नत किस्में न सिर्फ उत्पादन बढ़ाएंगी, बल्कि गुणवत्ता सुधारकर किसानों को बाजार में बेहतर दाम दिलाने में मदद करेंगी. खेती की लागत कम और जोखिम घटने से किसानों की आय में स्थायी बढ़ोतरी की उम्मीद है. 2026 की शुरुआत में यह कदम भारतीय कृषि के लिए खास है. नई किस्में किसानों को नई ताकत देंगी और खेती को भविष्य के लिए मजबूत और सुरक्षित बनाने में मदद करेंगी.