आम के बाग में फैला कालिख फफूंद, तुरंत करें साबुन वाले इस घोल का छिड़काव.. वरना नहीं आएंगे फल

इस कालिख फफूंद से फलों पर काली परत जम जाती है. ऐसे में किसानों को डर है कि अगर आम का रंग और रूप बिगड़ता है तो बाजार में उसकी कीमत गिर जाएगी. ऐसे एक्सपर्ट का कहना है कि ये बीमारी पुराने और घने बागों में अधिक फैलती है, जहां धूप और हवा कम पहुंचती है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 30 Jan, 2026 | 04:34 PM

Mango Cultivation: आम किसानों ने अपने बाग में पेड़ों की देखरेख शुरू कर दी है. कोई बाग में कीटनाशक का छिड़काव कर रहा है तो कोई डालियों की कटिंग में व्यवस्त है. सभी की एक ही चाहत है कि इस बार आम की बंपर पैदावार हो, ताकि अच्छी कमाई की जा सके. इसी बीच कई जगहों से आम के बाग में रोग फैलने की खबरें भी आ रही हैं. खासकर कुछ बागों में सूट्टी मोल्ड (कालिख फफूंद) का प्रकोप देखा गया है. ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ गई हैं. लेकिन उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है. आज हम एक ऐसे देसी टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे अपनाकर इस रोग से बचा जा सकता है. बस इसके लिए नीचे बताए गए टिप्स को फॉलो करना होगा.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में सूट्टी मोल्ड का असर कुछ ज्यादा ही देखने को मिल रहा है. मशहूर सुंदरजा आम के बाग इसकी चपटे में आ रहे हैं. किसानों का कहना है कि आम के बागों में बौर आ गए हैं. इससे अच्छी पैदावार की उम्मीद है. लेकिन इसी बीच कुछ बागों में सूट्टी मोल्ड का खतरा भी बढ़ गया है, जो फलों को बनने से पहले ही नुकसान पहुंचा सकती है.

आम की पैदावार प्रभावित हो सकती है

कृषि अधिकारियों के अनुसार, सर्दियों में आम के पेड़ों पर रस चूसने वाले कीट बढ़ जाते हैं. ये कीट पौधों पर मीठा स्राव छोड़ते हैं, जिस पर कालिख जैसी फफूंद जम जाती है. यह फफूंद पत्तियों, फूलों और फलों को ढक देती है, जिससे पौधों की प्रकाश संश्लेषण क्षमता कम हो जाती है. अगर फूल आने के समय संक्रमण बढ़ जाए, तो फल बनने की प्रक्रिया रुक जाती है और छोटे फल गिरने लगते हैं, जिससे किसानों की पैदावार प्रभावित हो सकती है.

फफूंद से इस तरह होगा नुकसान

दरअसल, इस फफूंद से फलों पर काली परत जम जाती है. ऐसे में किसानों को डर है कि अगर आम का रंग और रूप बिगड़ता है तो बाजार में उसकी कीमत गिर जाएगी. ऐसे बीमारी पुराने और घने बागों में अधिक फैलती है, जहां धूप और हवा कम पहुंचती है. बाग के बीच वाले हिस्से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं, जबकि पूर्वी हिस्से में असर कम रहता है.

रोग से फसल को बचाने के लिए करें ये काम

एक्सपर्ट का कहना है कि इस रोग से बचाने के लिए सबसे पहले रस चूसने वाले कीटों पर नियंत्रण जरूरी है. चींटियां इन कीटों की रक्षा करती हैं, इसलिए चींटियों के घोंसले उबलते पानी से नष्ट करें. पेड़ों की झुकी शाखाओं की छंटाई और खरपतवार हटाना भी फायदेमंद है. कीट नियंत्रण के लिए 5 लीटर पानी में 6 चम्मच साबुन या 3 चम्मच लिक्विड डिशवॉश मिलाकर स्प्रे करें. कमर्शियल व्हाइट ऑयल या घर पर तैयार तेल स्प्रे भी कारगर हैं. जानकारों का कहना है कि सही समय पर ये उपाय अपनाने से ही फसल को सूट्टी मोल्ड से बचाया जा सकता है. थोड़ी सी लापरवाही सुंदरजा आम की मिठास और गुणवत्ता पर भारी पड़ सकती है, इसलिए किसानों को अभी से सतर्क रहना जरूरी है.

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Published: 30 Jan, 2026 | 04:30 PM

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