Wheat Procurement: पंजाब में गेहूं की गुणवत्ता को लेकर दी गई ढील के बाद केंद्र सरकार की खरीद में तेजी आने की उम्मीद है. इससे पहले ऐसी ही छूट हरियाणा में दी गई थी, जिसके बाद वहां खरीद में सुधार देखा गया था. 1 अप्रैल से शुरू हुए खरीद सीजन में 16 अप्रैल तक कुल 51.34 लाख टन गेहूं की खरीद हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 83.57 लाख टन था. यानी इस साल खरीद करीब 40 फीसदी कम रही है, लेकिन आने वाले दिनों में इसमें बढ़ोतरी की संभावना है. हालांकि, पंजाब और हरियाणा में इस साल गेहूं की खरीद में पिछले साल की तुलना में बढ़ोतरी देखी गई है. पंजाब में अब तक 5.94 लाख टन और हरियाणा में 37.74 लाख टन गेहूं की खरीद हुई है. 16 अप्रैल को भी दोनों राज्यों में दैनिक खरीद पिछले साल से ज्यादा रही. वहीं मध्य प्रदेश में खरीद बहुत कम रही है, जहां अब तक सिर्फ 3.43 लाख टन गेहूं खरीदा गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 40.08 लाख टन था. यहां खरीद में देरी की वजह से गिरावट आई है, हालांकि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,585 रुपये प्रति क्विंटल पर अतिरिक्त बोनस देकर खरीद को बढ़ावा दे रही है.
उत्तर प्रदेश में अब तक 1.62 लाख टन और राजस्थान में 2.52 लाख टन गेहूं की खरीद दर्ज की गई है, जो पिछले साल की तुलना में कम है. प्रह्लाद जोशी ने ‘बिजनेसलाइन’ से कहा कि पंजाब में गेहूं खरीद के लिए दी गई छूट से किसानों की परेशानियां कम होंगी और उन्हें मजबूरी में कम कीमत पर अपनी फसल बेचने से बचाया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि यह छूट रबी विपणन सीजन (RMS) 2026–27 से लागू होगी. 9 अप्रैल को बेमौसम बारिश के कारण गेहूं खरीद में ढील देने की मांग मिली थी, जिसके बाद 10 अप्रैल को केंद्र सरकार की टीमें सभी जिलों में स्थिति का आकलन करने भेजी गईं.
सीमा 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी गई
दरअसल, फील्ड रिपोर्ट के आधार पर केंद्र ने पंजाब के सभी जिलों और चंडीगढ़ में गेहूं खरीद के लिए यह राहत मंजूर कर दी है. नए नियमों के अनुसार पंजाब और चंडीगढ़ में गेहूं की गुणवत्ता से जुड़े मानकों में ढील दी गई है. अब गेहूं में ‘लस्टर लॉस’ (चमक कम होने) की अनुमति सीमा 70 फीसदी तक कर दी गई है. इसके अलावा सिकुड़े और टूटे हुए दानों की सीमा 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी गई है. हालांकि खराब और थोड़े खराब दानों की कुल सीमा पहले की तरह 6 फीसदी ही रखी गई है.
- सरकार ने किसानों के खाते में भेजे 28 करोड़ रुपये, उठान नहीं होने से रुकी राशि 48 घंटे में देने के निर्देश
- UP में किसानों से होगी 20 लाख टन आलू की खरीद, सरकार से मिली मंजूरी.. इतने रुपये क्विंटल होगा रेट
- शिवराज सिंह चौहान ने चना खरीद को दी मंजूरी, तूर किसानों को भी मिली बड़ी राहत
- IMD के पूर्वानुमान पर केंद्र गंभीर: अभी से ही शुरू की तैयारी.. किसानों को नहीं होगी परेशानी, मिलेगा बीज और पानी
- यूपी में कई किसान नहीं करा पा रहे फार्मर रजिस्ट्री.. इस वजहों से हो रही परेशानी, धर्मेंद्र मलिक ने उठाए सवाल
खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी
केंद्र सरकार ने राज्य एजेंसियों को निर्देश दिया है कि इन ढीले मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं को अलग-अलग स्टोर और रिकॉर्ड किया जाए. साथ ही कहा गया है कि भंडारण के दौरान अगर अनाज की गुणवत्ता खराब होती है, तो उसकी जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों की होगी. मार्च और अप्रैल में बेमौसम बारिश के कारण गेहूं के दानों में नमी बढ़ गई, साथ ही दाने सिकुड़ने और चमक कम होने जैसी समस्याएं भी देखने को मिलीं. इसी वजह से काफी गेहूं तय गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतर पा रहा था, जिससे खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो रही थी.
क्या है गेहूं खरीदी का नियम
केंद्र सरकार के अनुसार 12 फीसदी से अधिक और 14 फीसदी तक नमी वाले गेहूं का पूरा मूल्य दिया जाएगा, लेकिन 14 फीसदी से ज्यादा नमी वाले गेहूं को खरीद के लिए स्वीकार नहीं किया जाएगा. इसके अलावा विदेशी पदार्थ (foreign matter) की सीमा 0.75 फीसदी तय है, जिसमें जहरीले खरपतवार के बीज 0.4 फीसदी से अधिक नहीं होने चाहिए. इनमें धतूरा 0.025 फीसदी और आक्रा (Vicia प्रजाति) 0.2 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए. इस तरह की ढील पहले ही राजस्थान और हरियाणा में दी जा चुकी है, हालांकि वहां के नियम पंजाब से थोड़े अलग हैं.