प्लाई बोर्ड बनाने में इस्तेमाल हो रही खाद, सस्ते में खरीदकर यूरिया खपाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़

Urea Supply: किसान नेता ने कहा कि किसानों के सामने कैमरे के आगे फैक्ट्री के संचालक ने माना कि वह यूरिया की खरीद करते हैं और बोर्ड बनाने के लिए उसका इस्तेमाल करते हैं. उसने मोरीवाला में एक और फैक्ट्री का नाम बताया जिसमें यूरिया के इस्तेमाल करके प्लाई बोर्ड बनाया जा रहा है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 8 Feb, 2026 | 02:38 PM

Haryana News: खेती में इस्तेमाल की जाने वाली खाद को प्लाई बोर्ड बनाने में इस्तेमाल किए जाने का भंड़ाफोड़ हुआ है. किसानों के कार्रवाई की मांग के बाद फैक्ट्री संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. हालांकि, गिरफ्तारी नहीं होने से किसानों ने पुलिस के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है. फैक्ट्री संचालक सस्ते में खाद खरीदकर उसे प्लाई बोर्ड में इस्तेमाल करता था और फिर उस बोर्ड कई गुना महंगे दाम में बेचता था. खाद की किल्लत होने पर किसानों ने खुद से जानकारी इकट्ठा की और जांच पड़ताल में मामला संदिग्ध पाया था, जिसके बाद शिकायत पर कार्रवाई की गई है.

भारतीय किसान एकता (बीकेई) के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि 22 जनवरी को गांव मोरीवाला में गुरप्रीत सिंह संधू की अध्यक्षता में किसानों ने पीएस इंडस्ट्रीज प्लाई व बोर्ड बनाने वाली फैक्ट्री में एग्रीकल्चरल ग्रेड की यूरिया खाद के हो रहे दुरुपयोग का भंडाफोड़ किया था. शिकायत के बाद कृषि विभाग ने मोरीवाला में स्थित फैक्ट्री के खिलाफ डिंग थाना में 23 जनवरी को मुकदमा नंबर 0018 दर्ज करवाया था.

दो फैक्ट्रियों में सस्ता यूरिया खरीदकर खपाया जा रहा

किसान नेता ने कहा कि किसानों के सामने कैमरे के आगे फैक्ट्री के संचालक सोमिल कंबोज ने माना था कि वह 400 रुपए प्रति बैग के हिसाब से यूरिया की खरीद करते हैं और बोर्ड बनाने के लिए उसका फैक्ट्री में प्रयोग करते हैं. उसने मोरीवाला में एक और फैक्ट्री सालासर इंडस्ट्री के नाम से है, उसमें प्लाई बोर्ड बनाने में भी बहुत बड़ी मात्रा में एग्रीकल्चर ग्रेड की यूरिया का प्रयोग किया जा रहा है.

फैक्ट्रियों में यूरिया खपाने से किसानों को नहीं मिल रही खाद

उन्होंने कहा कि शिकायत और भंडाफोड़ हेने के 18 दिन बाद भी पुलिस विभाग ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है और ना ही इसकी जांच आगे बढ़ाई है. उन्होंने कहा कि पुलिस की ढुलमुल कार्रवाई से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है. फैक्ट्रियों में यूरिया के गलत तरीके से इस्तेमाल किए जाने से किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है. उन्होंने कहा कि रबी सीजन की फसलें गेहूं, चना और सरसों में डालने के लिए किसानों को खाद की जरूरत है. लेकिन, इन फैक्ट्रियों के जरिए भारी मात्रा में खाद की खरीद की जाती है और बाजार में किसानों के लिए खाद की कमी पड़ जाती है.

सीएम और पुलिस महानिदेशक से की शिकायत

लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि इस मामले को लेकर अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पुलिस महानिदेशक को शिकायती पत्र भेजा है, जिसमें हमने सप्लाई करने वाली गाड़ी के साथ-साथ फैक्ट्री वालों से मिले हुए दुकानदारों के बारे में पूरी डिटेल दी है. ये दुकानदार यूरिया खाद किसानों को न देकर भारी भरकम ब्लैक में इन फैक्ट्री वालों को बेचते हैं. उन्होंने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और इसमें शामिल सभी लोगों को जांच में शामिल करके उन पर बनती कार्रवाई की जाए. अगर आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती है तो हम डिंग थाना में प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी.

यूरिया से बनता है प्लाई की परतें जोड़ने वाला मजबूत रेजिन लिक्विड

प्लाई बोर्ड बनाने में यूरिया का इस्तेमाल मुख्य रूप से यूरिया फॉर्मेल्डिहाइड (UF) रेजिन बनाने के लिए किया जाता है. यही रेज़िन प्लाई की अलग-अलग लकड़ी की पतली परतों (वीनियर) को आपस में मजबूती से जोड़ने का काम करता है. यूरिया को फॉर्मेल्डिहाइड के साथ मिलाकर चिपकने वाला गोंद तैयार किया जाता है, जिसे वीनियर शीट्स के बीच लगाया जाता है. इसके बाद गर्मी और दबाव (हॉट प्रेस) से परतों को जोड़ा जाता है, जिससे प्लाई बोर्ड ठोस और टिकाऊ बनता है. यूरिया से रेजिन बनाना सस्ता पड़ता है और इसे बनाने की प्रक्रिया भी आसान होती है. यह तेजी से जमता है जिससे पकड़ अच्छी होती है. प्लाई बोर्ड से फर्नीचर, दरवाजे और इंटीरियर कार्यों में उपयोग किया जाता है.

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Published: 8 Feb, 2026 | 02:35 PM

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