Farmer ID: बिहार में किसानों की डिजिटल पहचान सुनिश्चित करने के लिए 12 मई से फार्मर रजिस्ट्री अभियान को फिर से तेज किया जा रहा है. कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा इसका ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि कृषि विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के साझा प्रयास से विशेष अभियान मंगलवार से शुरू होगा. यह अभियान 12 जून से 30 जून तक चलाया जाएगा. इस अभियान की शुरुआत पटना के मीठापुर स्थित कृषि भवन सभागार से की जाएगी. यहां से फुलवारीशरीफ प्रखंड के किसानों का फार्मर आईडी बनाने का काम शुरू होगा.
सरकार का उद्देश्य अधूरे फार्मर रजिस्ट्री कार्यों को तेजी से पूरा करना है. इसके लिए जिला और पंचायत स्तर पर भी विशेष कैंप लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण हो सके. कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में अब तक 47 लाख 85 हजार 878 किसानों की फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी है. इससे पहले जनवरी और फरवरी में मिशन मोड में अभियान चलाकर बड़ी संख्या में किसानों का पंजीकरण किया गया था. पहले चरण में 10 लाख से अधिक, दूसरे चरण में 7 लाख से अधिक और तीसरे चरण में 10 लाख से ज्यादा फार्मर आईडी बनाई गई थीं.
किसानों को आसानी से मिलेगा योजनाओं का लाभ
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बाकी सभी किसानों को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए, ताकि वे आधुनिक व्यवस्था का हिस्सा बन सकें. फार्मर आईडी को किसानों की ‘डिजिटल पहचान’ के रूप में देखा जा रहा है. इसके जरिए किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और कृषि अनुदान जैसी कई सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा. इस व्यवस्था से किसानों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. साथ ही सरकारी सहायता राशि सीधे और तेजी से उनके बैंक खातों में पहुंच सकेगी.
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किसानों को इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत
फार्मर आईडी बनाने के लिए किसानों को आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और अपने नाम की जमाबंदी की जानकारी देनी होगी. किसान खुद बिहार फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं. इसके अलावा वे QR कोड स्कैन करके, या नजदीकी CSC केंद्र, कृषि समन्वयक और किसान सलाहकार की मदद से भी आवेदन कर सकते हैं.
डिजिटल बनाने पर जोर
सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को आसान और डिजिटल बनाने पर जोर दिया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इसका लाभ ले सकें. किसानों की सहायता के लिए कृषि विभाग और राजस्व विभाग ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं. किसान 18001801551 (कृषि विभाग) और 18003456215 (राजस्व विभाग) पर संपर्क कर मदद ले सकते हैं.
बैठक में कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. सरकार का मानना है कि यह अभियान बिहार के किसानों को तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा.